जल्द प्रकाशित होगी दिग्गज आइपीएस ऑफिसर और राजनीतिज्ञ डॉ अरुण उरांव की आत्मकथा

गांव से आईपीएस और फिर राजनीति तक का प्रेरक सफर, डॉ अरुण उरांव की आत्मकथा जल्द होगी प्रकाशित, रांची प्रेस क्लब में लोकार्पण, जीवन के अनछुए पहलुओं से होगा सामना

News Aroma
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  • रांची प्रेस क्लब में होगा लोकार्पण
  • ढाई सौ से तीन सौ पन्ने की आत्मकथा में उनके गांव के जीवन से आइपीएस ऑफिसर बनने तक और इसके बाद वीआरएस लेकर राजनीति में आने की कहानी होगी
  • नाम हो सकता है फ्रॉम सॉइल टू सर्विस या एज आइ रिमेंबर या फिर कोई और बेहतर शीर्षक

दयानंद राय

रांची : पंजाब कैडर के 1992 बैच के आइपीएस ऑफिसर रहे दिग्गज पुलिस अधिकारी डॉ अरुण उरांव की ऑटोबायोग्राफी जल्द प्रकाशित होगी। डॉ अरुण उरांव इसे अंतिम रुप देने में लगे हुए हैं। ढाई सौ से लेकर तीन सौ पन्ने की इस ऑटोबायोग्राफी में डॉ अरुण उरांव के ग्रामीण जीवन से लेकर आरएमसीएच में एमबीबीएस करने, आइपीएस की नौकरी के अनुभव, कैंब्रिज में पुलिस एक्जीक्यूटिव प्रोग्राम पूरा करने तथा 7000 बच्चों की जिंदगी में शिक्षा की उजास भरने से लेकर हेहल क्रिकेट एकेडमी में टैलेंटेड खिलाडियों का टैलेंट निखारने से लेकर कई अन्य प्रसंग दर्ज रहेंगे। इस ऑटोबायोग्राफी का लोकार्पण रांची प्रेस क्लब में किया जायेगा।

क्यों खास होगी यह आत्मकथा

डॉ अरुण उरांव की यह आत्मकथा इसलिए खास होनेवाली है क्योंकि इससे उनके जीवन के अनुछुए पहलुओं से पर्दा उठेगा। पुलिस सेवा के दौरान उनके जीवन में आनेवाली चुनौतियों, राजनीतिज्ञ के रूप में उनका करियर, पहले कोल इंडिया और बाद में बीसीसीएल के इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में उनकी भूमिका से जुड़े अनुभव दर्ज होंगे।इस आत्मकथा के प्रकाशित होने के बाद एक संवेदनशील और मानवीय आइपीएस अधिकारी के झारखंड के लोगों के उत्थान के लिए किए जानेवाले प्रयासों से लोग रुबरु हो सकेंगे।

कौन हैं डॉ अरूण उरांव

डॉ अरूण उरांव 1992 बैच के पंजाब कैडर के आइपीएस ऑफिसर हैं। उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बीएसएसी करने के बाद आरएमसीएच से एमबीबीएस किया। इंग्लैंड की कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से इन्होंने पुलिस एक्जीक्यूटिव प्रोग्राम पूरा किया है। 1988 से 1992 तक ये चार पूर्व प्रधानमंत्रियों की इमरजेंसी मेडिकल टीम में मेडिकल ऑफिसर रहे।
1992 से 2014 तक इन्होंने मध्य पंजाब और झारखंड के उग्रवाद तथा नक्सल प्रभावित जिलों में एसपी, डीआइजी और आइजी के पद पर सेवाएं दी। इन्होंने रेस्ट ऑफ बिहार, दिल्ली और पंजाब सिविल सर्विसेज क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व किया है। अखिल भारतीय चैंपियन पंजाब पुलिस लॉन टेनिस टीम का भी इन्होंने प्रतिनिधित्व किया है।

2017 से 2019 तक एआइसीसी सचिव की हैसियत से छत्तीसगढ़ के प्रभारी रहे। 2019 से फरवरी 2021 तक भाजपा एसटी मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे। बाद में पहले कोल इंडिया और अब बीसीसीएल के इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर कार्यरत हैं।

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