
गढ़वा : गढ़वा शहर के मझिआंव मोड़ इलाके में सड़क किनारे खुले में मुर्गा काटने और मांस, खून, हड्डी व पंख जैसे अपशिष्ट फैलाने को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इससे न सिर्फ इलाके की स्वच्छता प्रभावित हो रही थी, बल्कि राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसी मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम संजय कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। एसडीएम ने बताया कि मझिआंव मोड़ स्थित अवैध मुर्गा-मांस कारोबारियों को पहले भी कई बार चेतावनी दी जा चुकी थी। साथ ही नगर परिषद को भी लिखित निर्देश देकर नियमित निगरानी और साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया था। इसके बावजूद स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ और लगातार जनशिकायतें मिलती रहीं। इसी कारण अब मझिआंव मोड़ के पांच दुकानदारों के साथ-साथ नगर परिषद को भी पक्षकार बनाते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 152 के तहत कार्रवाई शुरू की जा रही है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य पर खतरा
एसडीएम ने कहा कि सड़क किनारे खुले में पशु-पक्षियों का वध और अपशिष्ट का गलत तरीके से निस्तारण सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए गंभीर समस्या है। इससे इलाके में बदबू फैलती है और राहगीरों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है, जिसे पब्लिक न्यूसेंस माना जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की कार्रवाई आगे अनुमंडल के अन्य क्षेत्रों में भी की जाएगी, ताकि शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाया जा सके। प्रशासन ने साफ किया है कि सिर्फ दुकानदार ही नहीं, बल्कि नगर निकाय और संबंधित संस्थाओं को भी अपने दायित्व गंभीरता से निभाने होंगे।
किन दुकानदारों पर कार्रवाई
पहले चरण में जिन पांच दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है, उनमें अजय सिंह (पिता सूर्यदेव सिंह), अनुरुल हक (पिता ताजुद्दीन खां), फैजान खान (पिता लुहू तारीक), इब्राहिम खान (पिता उस्मान खान) और कमलेश अग्रवाल शामिल हैं।

