सभी पक्षों को मिलेगी ASI की ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे रिपोर्ट की कॉपी, कोर्ट ने…

महीने की शुरुआत में ही  ASI ने अदालत ने कहा था कि रिपोर्ट सार्वजनिक या अन्य पक्षों के साथ साझा न किया जाए। एएसआई ने तर्क दिया था कि इससे मामले को लेकर गलत जानकारियां फैलेंगी क्योंकि मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है।

News Aroma Media
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Survey Report of Gyanvapi Mosque : बुधवार को ज्ञानवापी मस्जिद मामले में वाराणसी की एक जिला अदालत ने बड़ा आदेश दिया। अदालत ने कहा है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की ओर से किए गए मस्जिद के सर्वे की रिपोर्ट की सर्टिफाइड प्रतियां सभी पक्षकारों को मिलेंगी।

ज्ञानवापी सर्वे से जुड़ी रिपोर्ट पक्षकारों को सौंपी जाएगी

बता दें कि इस महीने की शुरुआत में ही  ASI ने अदालत ने कहा था कि रिपोर्ट सार्वजनिक या अन्य पक्षों के साथ साझा न किया जाए। ASI ने तर्क दिया था कि इससे मामले को लेकर गलत जानकारियां फैलेंगी क्योंकि मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है।

 

ASI ने अदालत से यह अनुरोध भी किया था कि अगर दोनों पक्षों को रिपोर्ट की कॉपी दी जाती है तो उनसे एक अंडरटेकिंग जरूर ली जाए कि वह इसे किसी और से साथ साझा नहीं करेंगे। बता दें कि वाराणसी की जिला अदालत ने अपने 21 जुलाई 2023 के आदेश में ASI को निर्देश दिया था कि वह ज्ञानवापी मस्जिद का एक वैज्ञानिक सर्वे कराए।

क्या जानने के लिए कराया गया था सर्वे

सर्वे कराने का उद्देश्य यह जानना था कि क्या मस्जिद का निर्माण वहां पर पहले से मौजूद किसी हिंदू मंदिर के ऊपर कराया गया था। मस्जिद के वजूखाना इलाके को छोड़कर पूरे परिसर का सर्वे किया गया था। सर्वे के दौरान एएसआई से कहा गया था कि सर्वे के दौरान परिसर में कहीं खुदाई नहीं की जाएगी और ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।

इलाहाबाद हाईकोर्ट

काशी विश्वनाथ मंदिर से सटी है मस्जिद

बता दें कि इस मामले में हिंदू पक्ष का कहना है कि ज्ञानवापी मस्जिद और इसका परिसर एक समय में हिंदू मंदिर हुआ करता था। उनका दावा है कि मुगल शासक औरंगजेब ने साल 1669 में इस मंदिर को तबाह कर दिया था और उसके ऊपर इस मस्जिद का निर्माण करवाया था। उल्लेखनीय है कि यह मस्जिद प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर से सटी हुई है।

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