
रामगढ़ : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को अपने पिता दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि के मौके पर अपने पिता की 14 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण नेमरा के लुकैयाटाड़ में किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आज का दिन हमारे लिए, विशेष रूप से हमारे परिवार के लिए, अत्यंत भावुक और भारी दिन है। लेकिन यह पीड़ा केवल हमारे परिवार तक सीमित नहीं है। विभिन्न माध्यमों और समाचारों से यह स्पष्ट है कि पूरे झारखंड के साथ-साथ देशभर के आदिवासी, दलित, शोषित, वंचित एवं पिछड़े समाज के लिए भी यह अत्यंत दुखद क्षण है।
आज ही के दिन दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने अपनी अंतिम साँस ली थी और पंचतत्व में विलीन हुए थे। इस सृष्टि का यही नियम है कि जिसने इस धरती पर जन्म लिया है, उसे कालचक्र के विधान के अनुसार एक दिन इसी धरती में विलीन होना ही पड़ता है। समय का यह चक्र हमारे प्रियजनों को हमसे बहुत दूर कर देता है।
आज रामगढ़ में लुकैयाटांड़ स्थित सोना-सोबरन विद्यालय परिसर में आदरणीय बाबा दिशोम गुरुजी की भव्य प्रतिमा का भी अनावरण किया गया। इस प्रतिमा की स्थापना का उद्देश्य यही है कि हम और हमारी आने वाली पीढ़ियाँ अपने इतिहास और अपनी जड़ों को कभी न भूलें।
आज़ादी से पहले और आज़ादी के बाद भी हमारे समाज ने जिस शोषण को सहा और हमारे पूर्वजों ने जिस साहस से उसके विरुद्ध संघर्ष किया, उस इतिहास से सीख लेना हमारा कर्तव्य है।

