रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शुक्रवार को राज्यव्यापी वन महोत्सव-2026 में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि वन महोत्सव केवल वृक्षारोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का संकल्प है। सीएम ने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को महसूस कर रही है। कभी अत्यधिक वर्षा, कभी सूखा, कभी भीषण गर्मी, कभी असामान्य ठंड, कहीं बादल फटना, कहीं भूस्खलन, ये सभी संकेत हैं कि प्रकृति हमें लगातार चेतावनी दे रही है। विकास आवश्यक है, लेकिन विकास और प्रकृति के बीच संतुलन भी उतना ही आवश्यक है। सड़कें बनें, उद्योग लगें, शहर बसें, पर जल, जंगल और जमीन की कीमत पर नहीं। जब हम जंगलों में अतिक्रमण करेंगे, तब वन्यजीव भी हमारे बीच आएंगे। आज हाथियों का गांव और शहरों की ओर आना इसी बदलते संतुलन का परिणाम है। झारखंड की पहचान उसके जंगलों, जैव विविधता और प्रकृति से है। इसलिए हमारी सरकार ने स्पष्ट निर्णय लिया है कि राज्य में ऐसे वृक्षों को ही प्राथमिकता दी जाएगी जो इंसान, पशु-पक्षी और पर्यावरण, तीनों के लिए उपयोगी हों। हमें केवल पेड़ लगाने नहीं, उन्हें संरक्षित भी करना है।



