

हजारीबाग : खोड़ाहार के आदिवासी समाज ने प्रकृति संरक्षण का संदेश देने के लिए इस बार एक अलग पहल की। समाज के पदाधिकारी सुनील टोप्पो ने हूल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का निमंत्रण हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल को सागवान के पत्ते पर लिखकर दिया। यह केवल निमंत्रण नहीं था, बल्कि पर्यावरण बचाने और पारंपरिक जीवनशैली को अपनाने का संदेश भी था।





सांसद मनीष जायसवाल ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि आदिवासी समाज हमेशा से प्रकृति का सच्चा संरक्षक रहा है। उन्होंने बताया कि सागवान के पत्तों पर निमंत्रण देने से कागज की जरूरत कम होती है, जिससे पेड़ों की कटाई भी घट सकती है। उनके अनुसार, आज जब पर्यावरण असंतुलन एक बड़ी चुनौती बन चुका है, तब ऐसे छोटे-छोटे प्रयास समाज को सकारात्मक दिशा देते हैं।
सांसद ने कहा कि यदि लोग अपनी पारंपरिक जीवनशैली को अपनाएं और कागज का अनावश्यक उपयोग कम करें, तो पर्यावरण की बेहतर सुरक्षा की जा सकती है। उन्होंने सभी लोगों से प्राकृतिक विकल्प अपनाने और पेड़ों की रक्षा करने की अपील की। साथ ही, उन्होंने हूल दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति भी दी।
