
Koderma News : बोकारो प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने मंगलवार को कोडरमा जिले का दौरा कर पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने जिले में बढ़ते अपराध पर नियंत्रण, लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और भूमि विवाद से जुड़े मामलों के प्रभावी समाधान को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
कोडरमा पहुंचने पर आईजी का पुलिस अधिकारियों द्वारा स्वागत किया गया तथा उन्हें औपचारिक रूप से गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, लंबित कांडों की जांच और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
करीब दो घंटे तक चली बैठक में आईजी ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज लंबित मामलों की समीक्षा की और अधिकारियों को अनुसंधान कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो।
बैठक के दौरान भूमि विवाद से जुड़ी घटनाओं पर विशेष चिंता व्यक्त की गई। आईजी ने कहा कि हाल के दिनों में जिले में कई आपराधिक घटनाओं की जड़ भूमि विवाद रही है। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने सभी थानों में नियमित रूप से “थाना दिवस” आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि थाना दिवस के माध्यम से भूमि विवादों का समाधान प्रारंभिक स्तर पर किया जा सकेगा, जिससे छोटे विवाद बड़े आपराधिक मामलों का रूप नहीं ले पाएंगे।
आईजी ने सुझाव दिया कि थाना दिवस के दौरान पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ अंचल अधिकारी और राजस्व विभाग के कर्मचारी भी उपस्थित रहें। इससे जमीन संबंधी शिकायतों का मौके पर ही समाधान निकालने में मदद मिलेगी और आम लोगों को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
उन्होंने पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद और विश्वास कायम करने पर भी जोर दिया। आईजी ने कहा कि सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत बनाकर अपराध नियंत्रण और विवादों के समाधान में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
बैठक के बाद आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल कानून लागू करना नहीं, बल्कि विवादों को समय रहते सुलझाकर सामाजिक सौहार्द बनाए रखना भी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि थाना दिवस जैसी पहल से भूमि विवादों में कमी आएगी और जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था और मजबूत होगी।

