
रांची: झारखंड के कला, संस्कृति, युवा कार्य एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से कलाकारों और फिल्म क्षेत्र से जुड़े एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्य की नई फिल्म नीति में भोजपुरी सहित अन्य सभी क्षेत्रीय और स्थानीय भाषाओं को शामिल करने की मांग उठाई। साथ ही, सभी भाषाओं की फिल्मों को प्रोत्साहन और सब्सिडी देने का आग्रह किया।
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के समक्ष यह विशेष मांग भी रखी कि जिन-जिन भाषाओं को शामिल करने की मांग की जा रही है, उन भाषाओं की फिल्मों की शूटिंग के लिए राज्य में अलग से एक विशेष और स्पष्ट नीति (शूटिंग पॉलिसी) बनाई जाए, ताकि फिल्म निर्माताओं को काम करने में कोई परेशानी न हो। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि झारखंड अपनी कला, संस्कृति और भाषाई विविधता के लिए जाना जाता है। यहां नागपुरी, कुड़ुख, मुंडारी, संथाली, खोरठा के साथ-साथ भोजपुरी, मगही, मैथिली, हिंदी, बंगाली और पंजाबी बोलने वाले लोग भी बड़ी संख्या में रहते हैं। इसलिए नई फिल्म नीति को समावेशी बनाया जाए ताकि सभी भाषाओं की फिल्मों को समान अवसर मिल सके। तय मानकों के तहत सब्सिडी और सुविधाएं मिलेंगी, तो स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि सरकार कलाकारों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इन सभी सुझावों पर सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा। मौके पर भोजपुरी युवा विकास मंच के अध्यक्ष अशोक द्विवेदी के नेतृत्व में आशुतोष द्विवेदी, संजय पुजारी, लव पाठक, अशोक कुमार, बृजेश कुमार तथा मिथिला युवा मंच के अध्यक्ष अवधेश ठाकुर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

