इमरान की पार्टी ने उन्हें जांच के लिए तत्काल शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाने की मांग की

इमरान खान की सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी नहीं होने पर पीटीआई ने अस्पताल अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया, शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में तत्काल जांच की मांग की

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इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी ने एक सरकारी अस्पताल में अधिकारियों की ‘‘लगातार लापरवाही’’ की निंदा की है और आरोप लगाया कि हृदय संबंधी जटिलताओं के संभावित खतरे को लेकर हृदयरोग विशेषज्ञों की चिंता के बावजूद खान की सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी (सीटीए) नहीं कराई गई। पार्टी ने खान को तत्काल शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाकर यह जांच कराने की मांग की है।

डॉन अखबार की खबर के अनुसार पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के केंद्रीय सूचना सचिव शेख वकास अकरम ने रविवार को एक बयान में कहा कि पाकिस्तान आयुर्विज्ञान चिकित्सा संस्थान (पीआईएमएस) में सीटी स्कैन की मशीन उपलब्ध और चालू होने के बावजूद अधिकारियों ने खान की चिकित्सकीय रूप से जरूरी जांच नहीं कराई। खान को शुक्रवार को आंख के इलाज और कुछ अन्य चिकित्सकीय जांचों के लिए पीआईएमएस ले जाया गया था। चिकित्सकों ने उनके हृदय की सीटीए कराने की कथित तौर पर सलाह दी, लेकिन अस्पताल अधिकारियों ने कहा कि इसके लिए जरूरी सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके बाद बिना जांच किए खान को वापस अदियाला जेल भेज दिया गया।

पीटीआई पार्टी ने अधिकारियों की इस ‘‘लगातार लापरवाही’’ की निंदा करते हुए मांग की कि सीटीए जांच तत्काल शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में कराई जाए। अकरम ने कहा, ‘‘इसे महज प्रशासनिक चूक मानकर खारिज नहीं किया जा सकता। यह एक बेहद चिंताजनक स्थिति को दर्शाता है।’’ उन्होंने कहा कि शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में इस जांच के लिए जरूरी विशेषज्ञ और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। अकरम ने खान की व्यापक चिकित्सकीय जांच और उपचार से संबंधित उच्चतम न्यायालय के आदेश का भी हवाला दिया। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने इस निर्देश को दरकिनार करते हुए खान को ऐसे अस्पताल में भेज दिया, जहां सीटी एंजियोग्राफी नहीं कराई गई। अकरम ने कहा कि 10 अगस्त को हृदय की गति तेज होने और सिरदर्द की शिकायत के बाद सरकारी चिकित्सा बोर्ड ने खान की चिकित्सीय जांच की थी। उन्होंने बताया कि पीआईएमएस के एक हृदयरोग विशेषज्ञ ने एक अगस्त को ही सीटीए कराने की सलाह दी थी। इन खबरों का संज्ञान लेते हुए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार को तथ्यों का पता लगाने और जिम्मेदारी तय करने के लिए स्थापना प्रभाग के सचिव की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।