

INDIA गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव से की मुलाकात, छात्र आंदोलन की आड़ में माहौल बिगाड़ने वालों को चिन्हित कर कार्रवाई की मांग





रांची : छात्रों के मुद्दों को लेकर इंडिया गठबंधन के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को मुख्य सचिव अविनाश कुमार से मुलाकात कर छात्र आंदोलन से जुड़े पूरे मामले की जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल में झामुमो, कांग्रेस, राजद और माले के नेता शामिल रहे। नेताओं ने स्पष्ट कहा कि गठबंधन छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकार और उनकी समस्याओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है, लेकिन छात्र आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाने और राजनीतिक माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं, छात्र आंदोलन से जुड़े मुद्दों को लेकर INDIA गठबंधन घटक दल के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को झारखंड मंत्रालय में मुख्य सचिव से मुलाकात की और अपनी बातों को रखा। मुलाकात के उपरांत मीडिया को संबोधित करते हुए गठबंधन नेताओं ने कहा कि छात्रों के प्रति पूरी तरह संवेदनशीलता और उनके हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
नेताओं ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक आंदोलन का सम्मान किया जाना चाहिए और अराजक तत्वों के साथ कानून सम्मत कार्रवाई होनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने छात्र और असामाजिक तत्वों को अलग-अलग चिन्हित कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके लिए मुख्य सचिव को वीडियो फुटेज भी सौंपे गए हैं, ताकि प्रमाण के आधार पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
गठबंधन ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक तत्वों द्वारा आंदोलन को भटकाने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि किसी छात्र की संलिप्तता अराजकता में पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। नेताओं ने सीआईडी जांच की गति तेज करने, परीक्षा से जुड़े मामलों विशेषकर CGL में पारदर्शी और निर्णायक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि मामले में जांच एजेंसियां पहले से सक्रिय हैं और कई आरोपियों की गिरफ्तारी व पूछताछ जारी है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि 48 घंटे के भीतर अराजक तत्वों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और छात्रों का भरोसा कायम रहे। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि छात्रों के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तय है। झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि छात्रों और अराजक तत्वों को एक नजर से नहीं देखा जाना चाहिए। आंदोलन में शामिल हर व्यक्ति की पहचान वीडियो फुटेज के आधार पर की जाए और जिसकी भूमिका अराजकता फैलाने में सामने आए, उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि सरकार को बदनाम करने के लिए छात्र आंदोलन को राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के अलग-अलग विंग ने छात्र आंदोलन की आड़ में स्थिति को बिगाड़ने की कोशिश की। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि छात्रों के वास्तविक सवालों का समाधान निकालने के बजाय विपक्षी दल माहौल को उग्र कर सरकार को बदनाम करने की राजनीति कर रहे हैं।
विनोद पांडेय ने कहा कि यदि जांच में कोई छात्र भी अराजक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो केवल छात्र होने के आधार पर उसे संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। दोष साबित होने पर छात्र हो या राजनीतिक कार्यकर्ता, सभी पर समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव को आंदोलन से संबंधित वीडियो फुटेज भी सौंपे, जिसमें अराजकता फैलाने वाले लोगों की गतिविधियां दिखाई देने का दावा किया गया। नेताओं ने मांग की कि फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की जाए और निर्दोष छात्रों को किसी भी स्थिति में परेशान न किया जाए।
कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने कहा कि छात्रों की आड़ में अराजकता फैलाने वालों पर 48 घंटे के भीतर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सीआईडी जांच में तेजी लाने की मांग करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई से अराजक तत्वों का मनोबल बढ़ेगा। प्रतिनिधिमंडल ने दावा किया कि छात्र आंदोलन के घटनाक्रम से पहले ही सीआईडी ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी थी। नेताओं के मुताबिक, JPSC के अध्यक्ष समेत दो दर्जन से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ की कार्रवाई चल रही है। उन्होंने CGL समेत परीक्षा से जुड़े अन्य मामलों में भी जांच और कार्रवाई की गति तेज करने की मांग की।
INDIA गठबंधन ने कहा कि छात्रों के वास्तविक मुद्दों का समाधान जरूरी है, लेकिन आंदोलन की आड़ में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को राजनीतिक संरक्षण नहीं दिया जा सकता। गठबंधन ने चेतावनी दी कि अराजक तत्वों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उनका मनोबल बढ़ेगा और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति की आशंका बनी रहेगी।
