
नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर और ईंधन की संभावित कमी को लेकर लोगों के बीच चिंता बढ़ने लगी है। इन खबरों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति साफ करते हुए कहा है कि देश में कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है और ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। पेट्रोल और डीजल की सप्लाई चेन भी सामान्य रूप से चल रही है, कहीं से भी ईंधन खत्म होने यानी ‘ड्राई-आउट’ की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि देशभर के पेट्रोल पंप सामान्य तरीके से काम कर रहे हैं और तेल कंपनियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
ईंधन आपूर्ति सामान्य, रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर
पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और मांग को पूरा करने के लिए रिफाइनरियां अधिकतम क्षमता पर उत्पादन कर रही हैं। मंत्रालय ने साफ किया कि पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति में किसी तरह की बाधा नहीं आई है और पूरे देश में वितरण व्यवस्था सुचारु रूप से चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि तेल विपणन कंपनियां लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं, ताकि खुदरा पेट्रोल पंपों पर ईंधन की उपलब्धता बनी रहे। कुछ इलाकों में अफवाहों के कारण लोगों में चिंता जरूर देखी गई है, लेकिन सरकार का कहना है कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
एलपीजी लेकर आने वाला जहाज जल्द पहुंचेगा मुंद्रा पोर्ट
इस बीच जहाजरानी मंत्रालय ने जानकारी दी है कि एलपीजी लेकर आ रहा भारतीय ध्वज वाला जहाज शिवालिक जल्द ही गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचने वाला है। मंत्रालय के अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा के अनुसार जहाज के आने से पहले ही बंदरगाह पर सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, ताकि कार्गो उतारने में कोई देरी न हो। यह जहाज फारस की खाड़ी से एलपीजी लेकर भारत की ओर आ रहा है और इसके पहुंचने के बाद गैस आपूर्ति और मजबूत होने की उम्मीद है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर कूटनीतिक प्रयास जारी
भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रिय है, ताकि वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित न हो। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि भारत, ईरान के साथ लगातार बातचीत कर रहा है ताकि महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही सुचारु बनी रहे। सरकार का कहना है कि कूटनीतिक बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। सरकार का कहना है कि देश की ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखने के लिए हर स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
