भारत-अमेरिका ने भरोसेमंद आपूर्ति शृंखला और प्रौद्योगिकी सहयोग मजबूत करने पर की चर्चा

वाशिंगटन में पैक्स सिलिका शिखर सम्मेलन से पहले भारत और अमेरिका ने सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षित आपूर्ति शृंखला को मजबूत बनाने पर चर्चा की।

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वाशिंगटन: वाशिंगटन में बृहस्पतिवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय ‘पैक्स सिलिका शिखर सम्मेलन’ से पहले भारत और अमेरिका ने विविध तथा भरोसेमंद आपूर्ति शृंखलाओं विकसित करने के लिए सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने बुधवार को अमेरिकी विदेश विभाग के अवर सचिव एवं पैक्स सिलिका पहल के मेजबान जैकब हेलबर्ग से मुलाकात की। इस पहल का उद्देश्य प्रमुख प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में आपूर्ति शृंखलाओं की सुरक्षा को मजबूत करना है।

अमेरिका में भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने द्विपक्षीय प्रौद्योगिकी सहयोग को और गहरा करने के लिए अमेरिकी विदेश विभाग के अवर सचिव जैकब एस. हेलबर्ग से मुलाकात की।” दूतावास ने कहा, “दोनों पक्षों ने विविध और भरोसेमंद आपूर्ति शृंखला विकसित करने, विशेष रूप से सेमीकंडक्टर विनिर्माण, कृत्रिम मेधा (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) को अपनाने तथा महत्वपूर्ण खनिजों तक सुरक्षित पहुंच के संबंध में सहयोग के तौर-तरीकों पर चर्चा की।”

कृष्णन यहां दूसरे पैक्स सिलिका शिखर सम्मेलन में भाग लेने आए हैं। इस सम्मेलन में उन सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं, जिन्होंने महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षित और विश्वसनीय उपलब्धता सुनिश्चित करने के वैकल्पिक रास्ते तलाशने संबंधी रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह ऐसा क्षेत्र है, जिस पर वर्तमान में चीन का दबदबा माना जाता है। पहला पैक्स सिलिका शिखर सम्मेलन पिछले वर्ष दिसंबर में आयोजित किया गया था।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।