पहले टेस्ट में विशेषज्ञों के साथ उतरेगा भारत

News Aroma Media
4 Min Read
#image_title
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

नई दिल्ली:  ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डे-नाइट टेस्ट में गुलाबी गेंद के साथ होने वाले पहले टेस्ट मैच के लिए भारतीय टीम एक पारंपरिक विकेटकीपर और चार गेंदबाजों के अलावा बल्लेबाजी विशेषज्ञों के साथ उतरेगी।

2018 में विराट कोहली की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड का दौरा किया था, जहां टीम पांच बल्लेबाजों और पांच गेंदबाजों के साथ उतरी थी और दोनों विदेशी दौरे पर टीम को हार मिली थी।

इसके बाद कोहली ने रणनीति में बदलाव किया और उसने छह विशेषज्ञ बल्लेबाजों के साथ विदेश का दौरा किया और 2018-19 में उसने पहली बार 2-1 से सीरीज जीती।

लेकिन कोहली का यह फॉर्मूला इस साल फरवरी में न्यूजीलैंड दौरे पर काम नहीं आया था और टेस्ट सीरीज में हार मिली थी।

उस सीरीज के बाद भारत गुरुवार को अपना पहला टेस्ट मैच खेलेगा और यह टेस्ट भारतीयों के लिए एक बड़ी परीक्षा होगी, जिन्हें यह साबित करना होगा कि वे लहराती गेंदों को भी खेल सकते हैं।

हालांकि, पृथ्वी शॉ को छोड़कर पहले टेस्ट के लिए चुने गए सभी बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया में खेल चुके हैं, और एडिलेड की सतह विशेष रूप से भारतीय विकेटों के समान हैं, जहां ज्यादा मूवमेंट नहीं है और ऐसे में गुलाबी गेंद एक चुनौती पेश करेगी।

चेतेश्वर पुजारा एक बार फिर से दूसरे छोर से अहम होंगे, जिन्होंने पिछली बार एडिलेड में एक शतक और 71 रन बनाए थे और भारत ने उस मैच को जीता था।

पृथ्वी शॉ के खराब फॉर्म को देखते हुए उम्मीद थी कि शुभमन गिल को पदार्पण करने का मौका मिलेगा, लेकिन टीम प्रबंधन ने शॉ के साथ जाने का फैसला किया।

वह मयंक अग्रवाल के साथ पारी की शुरूआत करेंगे।

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने बुधवार को कहा है कि टीम की जिम्मेदारी सीनियर बल्लेबाजों पर होगी और टीम प्रबंधन युवा शॉ से बिना चिंता के खुल कर खेलने को कहेगा।

कोहली ने कहा, यह लोग निश्चित तौर पर काफी प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं।

इसलिए वह लोग यहां हैं। गिल को हालांकि अभी तक इस स्तर पर खेलने का अनुभव नहीं मिला है।

जब भी उन्हें मौका मिलेगा यह देखना दिलचस्प होगा क्योंकि वह आत्मविश्वासी युवा खिलाड़ी हैं। शॉ के पास आस्ट्रेलिया में टेस्ट खेलने का अनुभव नहीं है।

वहीं पंत ने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) पर खेले गए दूसरे अभ्यास मैच में शतक जमा कर विकेटकीपर के लिए अपनी दावेदारी मजबूत की थी। वह पिछले आस्ट्रेलियाई दौरे पर भी टीम में थे।

इसलिए लग रहा था कि टीम प्रबंधन उनके साथ जाना चाहेगा, लेकिन टीम ने साहा के अनुभव को पसंद किया।

पूर्व चयनकर्ता प्रमुख एमएसके प्रसाद ने आईएएनएस से कहा, पंत को अभी भी अपने विकेटकीपिंग स्किल्स पर काम करने की जरूरत है।

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने एक दिन पहले ही गिल को बतौर सलामी बल्लेबाज और पंत को बतौर विकेटकीपर टीम में शामिल करने की पैरवी की थी।

लेकिन लगता है कि शॉ का अनुभव गिल पर भारी पड़ा और लगभग यही साहा के चुनने का एक कारण हो सकता है।

Share This Article