
चतरा : जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र में एक 13 वर्षीय लापता बालक को सकुशल बरामद करने में पुलिस और समाज के सहयोग की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। त्वरित कार्रवाई, तकनीकी साधनों के उपयोग और स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी से यह संभव हो सका।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम जबड़ा निवासी इंद्रजीत कुमार 11 अप्रैल को अचानक अपने घर से लापता हो गया था। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो उसके पिता संजय दास ने हंटरगंज थाना में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कांड संख्या 48/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर तत्काल जांच शुरू की।
थाना प्रभारी प्रभात कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने मानक कार्यप्रणाली (SOP) के तहत आसपास के जंगलों, सुनसान इलाकों और संभावित स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। इसके साथ ही बालक की तस्वीर वाले पोस्टर विभिन्न सार्वजनिक स्थानों—जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और बाजारों—में चिपकाए गए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से भी बालक की जानकारी व्यापक रूप से साझा की गई, जिससे आम नागरिकों तक सूचना तेजी से पहुंच सकी।
इस अभियान को सफलता तब मिली जब 12 अप्रैल को ग्राम जबड़ा के ही निवासी पंकज कुमार ने पुलिस को सूचना दी कि लापता बालक बिहार के गया जिले के शेरघाटी क्षेत्र में देखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल सक्रिय हुई और बताए गए स्थान पर पहुंचकर बालक को सकुशल बरामद कर लिया।
बरामदगी के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए बालक को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बेटे की सुरक्षित वापसी से परिवार में खुशी का माहौल है और उन्होंने पुलिस व स्थानीय लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस सराहनीय कार्य के लिए हंटरगंज थाना प्रभारी प्रभात कुमार ने पंकज कुमार को सम्मानित किया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि समाज के सहयोग से ही इस तरह के मामलों में त्वरित सफलता मिल पाती है और आम लोगों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सूचना को तुरंत पुलिस के साथ साझा करें।

