

New Strength to India’s Defense Capability : देश की वायु सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है।





रक्षा खरीद बोर्ड ने फ्रांस की प्रमुख विमान निर्माता कंपनी Dassault Aviation से 114 राफेल लड़ाकू विमानों (Rafale Fighter Planes) की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह फैसला भारत की रक्षा क्षमता को नई मजबूती देने वाला माना जा रहा है।
अगला कदम, रक्षा अधिग्रहण परिषद की मंजूरी
रक्षा सूत्रों के अनुसार, अब इस प्रस्ताव को रक्षा मंत्री Rajnath Singh की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद के सामने रखा जाएगा। यहां से मंजूरी मिलने के बाद यह डील अंतिम स्वीकृति के लिए आगे बढ़ेगी।
कैबिनेट समिति से मिलेगी अंतिम हरी झंडी
रक्षा अधिग्रहण परिषद से पास होने के बाद यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की Cabinet समिति के पास भेजा जाएगा। इस स्तर पर मंजूरी मिलने के बाद सौदे को औपचारिक रूप से अंतिम रूप दिया जाएगा।
2025 में वायुसेना ने भेजी थी जरूरत की मांग
जानकारी के मुताबिक, भारतीय वायु सेना ने वर्ष 2025 में रक्षा मंत्रालय को 114 राफेल लड़ाकू विमानों की आवश्यकता को लेकर एक औपचारिक प्रस्ताव भेजा था।
वायुसेना को अपने बेड़े की ताकत बढ़ाने के लिए इन आधुनिक विमानों की जरूरत महसूस की जा रही थी।
अगले महीने तक हो सकता है अंतिम समझौता
उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि भारत और फ्रांस के बीच इस बड़े रक्षा सौदे पर अगले महीने तक अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। यह सौदा अंतर-सरकारी समझौते के तहत किया जाएगा।
पूरी तरह पारदर्शी होगी डील
इस डील की खास बात यह है कि इसमें किसी भी तरह के बिचौलिये की भूमिका नहीं होगी। सौदा पूरी तरह पारदर्शी तरीके से किया जाएगा, जिससे इसकी विश्वसनीयता और भी बढ़ जाती है।
पिछले साल नौसेना के लिए हुई थी बड़ी खरीद
गौरतलब है कि पिछले वर्ष अप्रैल में भारत ने नौसेना के लिए करीब 63 हजार करोड़ रुपये की लागत से 26 राफेल-मरीन लड़ाकू विमानों की खरीद का समझौता किया था।
इसमें 22 सिंगल-सीटर और चार Twin-Seater Trainer विमान शामिल हैं, जिनकी आपूर्ति वर्ष 2031 तक पूरी होने की बात कही गई है।
यह पूरी प्रक्रिया भारत की रक्षा तैयारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।
