नई दिल्ली: इंडिगो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विली वॉल्श ने सोमवार को कहा कि हवाई अड्डों के शुल्क बहुत अधिक हैं और इन्हें कम करने के साथ-साथ करों में कटौती से भारत में विस्तार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित पक्षों को अपनी लागत पर ध्यान देने की जरूरत है। इंडिगो 65 प्रतिशत से अधिक घरेलू बाजार हिस्सेदारी के साथ देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी है और रोजाना करीब 2,200 उड़ानों का संचालन करती है। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में वॉल्श ने कहा कि विमानन कंपनी हमेशा हवाई अड्डों से बेहतर मूल्य की अपेक्षा करती है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम उनसे कीमतों के मामले में अधिक प्रतिस्पर्धी होने की मांग करते रहेंगे, क्योंकि वे प्रभावी रूप से एकाधिकार की स्थिति में हैं।’’ वैश्विक एयरलाइन संगठन अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (आईएटीए) के महानिदेशक के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान वॉल्श ने भारत में हवाई अड्डों के शुल्क और करों को लेकर कड़ा रुख अपनाया था। इस मुद्दे पर उनके मौजूदा विचार के बारे में ‘पीटीआई-भाषा’ के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘मेरे विचार नहीं बदले हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हवाई अड्डों के शुल्क बहुत अधिक हैं और अगर हमारे यहां कर कम होते, तो यह बाजार कहीं बेहतर प्रदर्शन करता। इसलिए कम कर और कम हवाई अड्डा शुल्क ही आगे बढ़ने का रास्ता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘…मैं ईमानदारी से कहूं तो भारत में विस्तार के अवसरों का लाभ उठाने के लिए हम सभी को अपनी लागत पर ध्यान देने की जरूरत है।’’ भारत में 160 से अधिक हवाई अड्डे हैं।


