
नई दिल्ली : इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर यानी आईआरजीसी से जुड़ी समाचार एजेंसी फ़ार्स और तस्नीम के मुताबिक़, ईरान ने एक और व्यक्ति को फांसी दी है। इस व्यक्ति पर देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान इसराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए ‘मिशन’ पर होने का आरोप लगाया गया था।
तस्नीम के मुताबिक़, उस व्यक्ति का नाम इरफ़ान कियानी था। उस पर जनवरी 2026 में हुए प्रदर्शनों के दौरान ‘तोड़फोड़ और आगज़नी’ और ‘आतंक फैलाने’ के आरोप लगाए गए थे। दोनों एजेंसियों के अनुसार, ईरान के सुप्रीम कोर्ट ने सज़ा की पुष्टि की थी। प्रदर्शन दिसंबर में शुरू हुए थे और यह जनवरी में ईरानी करेंसी के तेज़ी से गिरने और महंगाई बढ़ने के बाद तेज़ हो गए थे। आज से दो दिन पहले ही 23 अप्रैल को भी सुल्तान अली शिरज़ादी नाम के एक शख़्स को फांसी दी गई। उन पर पीपल्स मोजाहेदीन ऑर्गेनाइजेशन का सदस्य होने और इसराइल के लिए जासूसी करने का आरोप था। पिछले कुछ महीनों में ईरान में फ़ांसी देने के मामले बढ़े हैं। ईरानी मानवाधिकार समूहों ने भी इस पर चिंता जतायी है।

