
विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था FIFA के अगले विश्व कप की मेजबानी इस बार अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको संयुक्त रूप से कर रहे हैं। फीफा के अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने कहा है कि दोनों देशों के बीच युद्ध जारी रहने के बावजूद ईरान की राष्ट्रीय टीम को अमेरिका आने और टूर्नामेंट में खेलने की अनुमति दी जाएगी।
इन्फेंटिनो ने बताया कि उन्होंने मंगलवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात कर टूर्नामेंट की तैयारियों की स्थिति पर चर्चा की। इस दौरान ट्रंप ने उन्हें आश्वासन दिया कि ईरान की टीम को अमेरिका आने की अनुमति दी जाएगी।
इन्फेंटिनो ने कहा, “हमने ईरान की मौजूदा स्थिति और इस तथ्य पर भी चर्चा की कि ईरान की टीम ने फीफा विश्व कप 2026 के लिए क्वालीफाई कर लिया है। चर्चा के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने दोहराया कि ईरान की टीम का अमेरिका में विश्व कप में भाग लेने के लिए निश्चित रूप से स्वागत है।”
हालांकि, ईरानी फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष मेहदी ताज ने पहले कहा था कि मौजूदा हालात को देखते हुए अमेरिका जाकर खेलना मुश्किल हो सकता है। उस समय ट्रंप ने इरानी प्रशंसकों को देश में प्रवेश देने से इनकार कर दिया था।
बता दें कि ईरान की टीम विश्व कप के ग्रुप चरण में अपने सभी मैच अमेरिका में खेलेगी। टीम 15 जून को कैलिफोर्निया के इंगलेवुड में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद 21 जून को बेल्जियम के खिलाफ मुकाबला होगा, जबकि 26 जून को सिएटल में मिस्र के खिलाफ ग्रुप चरण का अपना आखिरी मैच खेलेगी।
फीफा विश्व कप 2026 का आयोजन 11 जून से 19 जुलाई तक अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में किया जाएगा।
