इजराइल में अंतिम चुनाव परिणामों का इंतजार, कठिन विकल्पों की चुनौती

इजराइल चुनाव के अंतिम नतीजों का इंतजार है, जहां त्रिशंकु संसद की स्थिति के बीच नेतन्याहू और विपक्षी दलों के सामने कठिन विकल्प खड़े हैं।

Razi Ahmad
3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

यरूशलम: इजराइल के लोग बृहस्पतिवार को चुनाव के अंतिम नतीजों का इंतजार करते दिखे। जो स्थिति बन रही है, उसमें न तो मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके सहयोगी दलों को बहुमत मिलता दिख रहा है, और न ही उन्हें सत्ता से हटाने के लिए एकजुट हुई विरोधी पार्टियां ही सरकार बनाने के लिये जरूरी जादुई आंकड़े तक पहुंचती नजर आ रही हैं।

आने वाले कुछ हफ्तों में राजनीतिक दलों को कई मुश्किल फैसले लेने होंगे। यह देखना होगा कि कुछ यहूदी और अरब दल मिलकर ऐतिहासिक गठबंधन बनाते हैं या नहीं। वहीं, नेतन्याहू को सत्ता से हटाने के वादे के साथ चुनाव लड़ने वाले कुछ दल अपना रुख बदलकर उनके साथ सरकार बनाने को तैयार होते हैं या नहीं। इन राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच नेतन्याहू प्रधानमंत्री पद पर बने हुए हैं।

अंतिम नतीजे बृहस्पतिवार शाम तक आ सकते हैं, क्योंकि सेना के जवानों, राजनयिकों, जेलों और अस्पतालों में भर्ती लोगों तथा अन्य मतदाताओं के करीब पांच लाख मतों गिनती की जानी बाकी है। हालांकि, इनसे चुनाव परिणामों में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है।

नेतन्याहू के मुख्य प्रतिद्वंद्वी, पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजनकोट ने, बुधवार तड़के समर्थकों को संबोधित करने के बाद अपने पहले सार्वजनिक बयान में, एक ऐसी सरकार की बात की, जो सभी की सेवा करे और जनता की इच्छा को दर्शाए

उन्होंने अरब नेतृत्व वाली पार्टियों के साथ हाथ मिलाने की संभावना का कोई जिक्र नहीं किया, जिन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है; क्योंकि कुछ अरब नागरिकों ने उस देश में कभी वोट न देने के अपने पुराने संकल्प को तोड़ दिया, जहाँ उन्हें लंबे समय से भेदभाव का सामना करना पड़ा है।

उन्हीं अरब पार्टियों में से एक, जॉइंट लिस्ट ने बुधवार देर रात ‘अपूर्व ताकत के प्रदर्शन’ और ‘नस्लवाद के बहाव के खिलाफ जाने को तैयार’ यहूदी मतदाताओं का उल्लेख किया। उसने कहा कि वह राजनीतिक सहयोग के लिए तैयार है।

नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने, सबसे ज्यादा वोट मिलने के बावजूद, अरब-नेतृत्व वाली पार्टियों पर चुनाव चुराने का आरोप लगाया है और निर्वाचन समिति से जांच करने को कहा है। उसने अपने दावों के समर्थन में कोई विशिष्ट प्रमाण प्रदान नहीं किया। निर्वाचन समिति ने कहा है कि अपेक्षाकृत शांत चुनाव में दर्ज अनियमितताओं की संख्या कम थी।

Share This Article
रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।