
रांची: मैट्रिक-इंटर के छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आयी है। आज यानी मंगलवार से झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने कॉपियों की जांच का काम शुरू कर दिया है। उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर जैक ने जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं। सभी मूल्यांकन केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होगी और चौबीसों घंटे सुरक्षा कर्मी तैनात रहेंगे। हर परीक्षक को प्रतिदिन कम से कम 40 उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करनी होगी। साथ ही मोबाइल फोन के इस्तेमाल और बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी।
प्रधान परीक्षक को यह भी निर्देश दिया गया है कि कम से कम 10 प्रतिशत कॉपियों का दोबारा मूल्यांकन किया जाए। जिन छात्रों को बहुत ज्यादा या बहुत कम अंक मिलते हैं, उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की विशेष जांच होगी। ओएमआर शीट पर अंतिम शेडिंग केवल काले बॉल पेन से करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए कुल 70 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर करीब 7.5 लाख परीक्षार्थियों की लगभग 45 लाख उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की जाएगी।
70 केंद्रों पर होगी कॉपियों की जांच
जैक ने मूल्यांकन कार्य के लिए करीब 15 हजार शिक्षकों को परीक्षक के रूप में तैनात किया है। आम तौर पर एक विद्यार्थी छह विषयों की परीक्षा देता है, इसलिए कुल मिलाकर लगभग 45 लाख कॉपियों का मूल्यांकन होना है। सोमवार को जैक मुख्यालय में इस पूरी प्रक्रिया को लेकर एक वर्कशॉप भी आयोजित की गई। इसमें जैक अध्यक्ष डॉ. नटवा हांसदा, सचिव जयंत मिश्रा, परीक्षा नियंत्रक, वरिष्ठ आईटी अधिकारी कुणाल, आरडीडीई, डीईओ और सभी मूल्यांकन केंद्रों के निदेशक शामिल हुए।
ब्लैकलिस्टेड और निलंबित शिक्षक नहीं बनेंगे परीक्षक
परिषद ने साफ कर दिया है कि सेवानिवृत्त, निलंबित या ब्लैकलिस्टेड शिक्षकों को कॉपी जांचने की जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। इसके अलावा लैब इंस्ट्रक्टर, सहायक और शारीरिक शिक्षा शिक्षकों को भी परीक्षक सूची से बाहर रखा गया है। डीईओ और आरडीडीई को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि मूल्यांकन केंद्रों पर पर्याप्त परीक्षक उपलब्ध रहें।

