रांची: झारखंड एजेंसी फॉर प्रमोशन ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (जैप-आईटी) ने मैनपावर रेट कॉन्ट्रैक्ट के तहत सूचीबद्ध 12 एजेंसियों के अनुबंध की अवधि 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाने का निर्देश जारी किया है। इस संबंध में जैप-आईटी की मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी माधवी मिश्रा ने 23 अक्टूबर 2026 को पत्र जारी किया। पत्रांक 2236 के तहत जारी निर्देश में सभी संबंधित एजेंसियों को एक सप्ताह के भीतर पूर्व में जमा की गई राशि के अनुरूप बैंक गारंटी (BG/PBG) जैप-आईटी कार्यालय में जमा करने को कहा गया है।

यह निर्देश निविदा संख्या JAP-IT/MANPOWER/02/2021 के तहत जारी किया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि अनुबंध विस्तार का मतलब संबंधित एजेंसियों के खिलाफ लंबित शिकायतों, जांच या विवादों में राहत देना नहीं है। यदि किसी एजेंसी को जांच में दोषी पाया जाता है, तो उसका अनुबंध तत्काल प्रभाव से रद्द किया जा सकता है। इसके अलावा, राशि की वसूली और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
पहले से तय शर्तों के अनुसार ही लागू रहेगा अनुबंध
जैप-आईटी ने स्पष्ट किया है कि अनुबंध विस्तार पूर्व में निष्पादित एकरारनामे की शर्तों के अनुरूप ही प्रभावी रहेगा। सभी सूचीबद्ध एजेंसियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर बैंक गारंटी जमा करनी होगी। वहीं, जांच के दायरे में आने वाली एजेंसियों को अनुबंध विस्तार के आधार पर किसी तरह की अतिरिक्त राहत नहीं मिलेगी।
ये हैं जैप-आईटी की 12 सूचीबद्ध एजेंसियां
जैप-आईटी की ओर से जारी पत्र में निम्नलिखित 12 एजेंसियों का उल्लेख किया गया है।
- ब्लूम सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड
- एवरग्रीन सर्विसेज
- एम4 सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड
- अप्टैड टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड
- राजप्रताप कंसल्टेंसी एंड सर्विस प्राइवेट लिमिटेड
- फ्रंटलाइन एक्स-सर्विसमेन ब्यूरो
- फ्रंटलाइन (एनसीआर) बिजनेस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड
- शिवा प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड
- बालाजी डिटेक्टिव फोर्स
- बिरसा सिक्योरिटी एंड सर्विस सेटलमेंट
- रेडर सिक्योरिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड
- कमांडो इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स
अनुबंध विस्तार की तारीख पर स्पष्टीकरण जरूरी
जैप-आईटी के पत्र में अनुबंध की अवधि 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाए जाने का उल्लेख है, जबकि संबंधित पत्र 23 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया है। ऐसे में अनुबंध विस्तार की अवधि और उसकी प्रभावी तारीख को लेकर स्पष्टीकरण आवश्यक है। यह स्पष्ट होना जरूरी है कि आदेश के जरिए पहले से समाप्त हो चुकी अवधि की पुष्टि की गई है या अनुबंध विस्तार की तारीख अथवा अवधि के उल्लेख में कोई त्रुटि है।
इस संबंध में आधिकारिक स्पष्टीकरण मिलने के बाद ही अनुबंध विस्तार की वास्तविक अवधि को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।


