बैठक की अध्यक्षता महुआडांड़ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के कुसमी के पुलिस उपाधीक्षक ने की। इसमें सीमावर्ती थाना कुसमी, करौंधा और सामरी के थाना प्रभारी समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए।

नक्सल गतिविधियों पर निगरानी और संयुक्त अभियान पर जोर
बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों राज्यों की पुलिस के बीच तालमेल बेहतर करना और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाना था। इस दौरान नक्सल गतिविधियों से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान और जरूरत पड़ने पर संयुक्त अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखने की आवश्यकता पर भी चर्चा की।
अवैध तस्करी और आपराधिक गतिविधियों पर रहेगी नजर
बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध तस्करी पर रोक लगाने और आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण के लिए आपसी सहयोग मजबूत करने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही सीमा से सटे इलाकों में नियमित गश्त और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा पर भी जोर दिया गया।
दोनों राज्यों के सीमावर्ती थानों के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित करने पर सहमति बनी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा मजबूत करने की पहल
इस अंतरराज्यीय बैठक में महुआडांड़ थाना प्रभारी अमित कुमार समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करते हुए आवश्यक निर्देशों के अनुपालन पर जोर दिया गया।
पुलिस का उद्देश्य झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा से सटे क्षेत्रों में बेहतर समन्वय के जरिए नक्सल गतिविधियों, अवैध तस्करी और अन्य आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।


