


रांची : झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ ने 108 एम्बुलेंस सेवा को जिला स्तर पर संचालित करने और कर्मियों की विभिन्न मांगों को पूरा न किए जाने के विरोध में राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। भारतीय मजदूर संघ कार्यालय, धुर्वा (रांची) में प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित संघ की बैठक में यह फैसला लिया गया। संघ का कहना है कि एनएचएम के प्रबंध निदेशक द्वारा सभी सिविल सर्जनों को जिला स्तर पर एम्बुलेंस संचालन और वेतन भुगतान के निर्देश दिए जाने के बावजूद कई जिलों में इस पर अमल नहीं हुआ है। पूर्व में टेंडर रद्द करने, जिला स्तर पर सिविल सर्जन के माध्यम से संचालन शुरू करने, सेवा से हटाए गए कर्मियों की बहाली और वैधानिक श्रमिक अधिकार देने की मांगों को लेकर 8 सितंबर तक का समय दिया गया था, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।





तय कार्यक्रम के अनुसार 10 से 12 सितंबर तक जिलों से सरकार को पत्र भेजा जाएगा और 14 से 19 सितंबर तक कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे। इसके बाद 19 सितंबर को कैंडल मार्च, 21 सितंबर को सिविल सर्जन कार्यालयों में भिक्षा कार्यक्रम और 23 सितंबर को सिविल सर्जन या उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। फिर भी समाधान न निकलने पर 25 सितंबर को एक दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल के साथ नामकुम स्थित एनएचएम कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन होगा और 28 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर एम्बुलेंस सेवा बाधित की जाएगी। संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे आपातकालीन सेवाओं को ठप नहीं करना चाहते, लेकिन बार-बार मिले आश्वासनों के बावजूद मांगों के लागू न होने से वे आंदोलन के लिए बाध्य हुए हैं। इस बैठक में बीएमएस के प्रदेश मंत्री रमाशंकर प्रसाद सहित सभी जिलों के प्रतिनिधि प्रमुख रूप से मौजूद थे।
