झारखंड विधानसभा की कार्यवाही छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर भाजपा के हंगामे के बीच फिर स्थगित

झारखंड विधानसभा में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर भाजपा विधायकों ने हंगामा किया। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर युवाओं का आंदोलन 18वें दिन भी जारी रहा।

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रांची: झारखंड विधानसभा में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर जमकर हंगामा किया, जिससे विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही दूसरी बार भी स्थगित करनी पड़ी।

विपक्षी विधायक आसन के निकट आ गए और सोमवार को प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नीत सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो के बार-बार अनुरोध के बावजूद भाजपा विधायक अपनी सीट पर नहीं लौटे।महतो ने सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक के लिए और फिर उसके बाद अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी।

दोपहर 12 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही पुन: शुरू हुई, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले दागने और पानी की बौछार करने सहित कथित कार्रवाई पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जवाब मांगा।
इससे पहले, कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने छात्रों के विरोध का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि अभ्यर्थियों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान भाजपा समर्थित असामाजिक तत्वों ने हिंसा की।

इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के सदस्य आसन के निकट आ गए जिसके कारण कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
हजारों अभ्यर्थियों और छात्रों ने सोमवार को विधानसभा की ओर मार्च निकाला, कई अवरोधकों को पार कर लिया तथा पुलिसकर्मियों के साथ उनकी झड़प भी हुई। प्रदर्शनकारियों के विधानसभा की ओर बढ़ने पर पुलिस ने जगन्नाथपुर मंदिर के पास पानी की बौछारें कीं और आंसू गैस के गोले दागे।कई प्रदर्शनकारियों ने घायल होने का दावा किया है, जबकि रांची पुलिस ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान 14 पुलिसकर्मी घायल हुए।

छात्र और अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के कामकाज में सुधार, कई परीक्षाओं को रद्द करने तथा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या झारखंड से बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के एक पैनल द्वारा स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर 25 जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं।
युवाओं का विरोध प्रदर्शन 18वें दिन भी जारी है।

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Avantika Raj Choudhary एक अनुभवी और बहुआयामी पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का समृद्ध अनुभव प्राप्त है। इस दौरान उन्होंने एंकरिंग, रिपोर्टिंग, स्क्रिप्ट राइटिंग और वेबसाइट संचालन जैसे मीडिया के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। खबरों की गहरी समझ, प्रभावशाली प्रस्तुति और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को संवेदनशीलता के साथ सामने लाने की उनकी क्षमता उन्हें एक सशक्त मीडिया प्रोफेशनल बनाती है। अपने करियर के दौरान Avantika ने Jharkhand Live, The Fourth Pillar, 22 Scope और Khabar Mantra जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य किया है, जहाँ उन्होंने अपनी पेशेवर दक्षता, मेहनत और रचनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। एंकर के रूप में उनकी प्रभावशाली संवाद शैली, रिपोर्टर के रूप में जमीनी हकीकत को सामने लाने की क्षमता, और स्क्रिप्ट राइटर के रूप में सटीक एवं आकर्षक लेखन ने उन्हें मीडिया जगत में एक अलग पहचान दिलाई है। डिजिटल और ग्राउंड मीडिया दोनों प्लेटफॉर्म्स पर कार्य करने का अनुभव रखने वाली Avantika Raj Choudhary पत्रकारिता के बदलते स्वरूप के साथ खुद को निरंतर अपडेट करती रही हैं। उनकी कार्यशैली में निष्पक्षता, समर्पण और दर्शकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का उद्देश्य स्पष्ट रूप से झलकता है। मीडिया इंडस्ट्री में उनका यह अनुभव और कौशल उन्हें भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियों की ओर अग्रसर करता है.