

रांची : राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुनील बरनवाल की अध्यक्षता में एनएचएम में राज्य की प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में आयुष्मान भारत, अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना और आयुष्मान भारत डिजिटल स्वास्थ्य मिशन की प्रगति की जानकारी ली। इसमें 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए ‘वय वंदना कार्ड’ और आशा, सहिया व सेविका-सहायिकाओं के आयुष्मान कार्ड प्राथमिकता के आधार पर बनाने के कड़े निर्देश दिए गए।





स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और सुलभता बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य के सभी 24 जिलों में ‘आभा’ (ABHA) आईडी निर्माण की गति तेज करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके लिए यदि मोबाइल पर ओटीपी प्राप्त न हो, तो ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ (चेहरा पहचान) तकनीक का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया गया है। आभा निर्माण के शत-प्रतिशत लक्ष्य को हासिल करने के लिए जल्द ही स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सभी जिला उपायुक्तों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही एचईएम 2.0 के तहत पात्र निजी अस्पतालों को शीघ्र स्थानांतरित करने और सरकारी व निजी स्वास्थ्यकर्मियों तथा सभी दवा दुकानों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा गया है।
डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए समयसीमा भी तय की गई है। एनएचए और सी-डैक की संयुक्त टीम को 31 अगस्त 2026 तक स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (HMIS) और राष्ट्रीय स्वास्थ्य दावा विनिमय (NHCX) का एकीकरण पूरा करने का जिम्मा सौंपा गया है। वहीं, सभी निजी अस्पतालों को 30 सितंबर 2026 तक डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली अपनाते हुए एनएचसीएक्स के जरिए दावों का निपटारा शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, एनएचएम के एमडी शशि प्रकाश झा, जेएसएएस के कार्यकारी निदेशक शशि प्रकाश सिंह समेत सभी जिलों के सिविल सर्जन और नोडल अधिकारी मौजूद थे।
