रांची: झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर बुलाए गए झारखंड बंद का असर राज्य के कई जिलों में देखने को मिल रहा है। बोकारो, पलामू और गुमला समेत कई जिलों में झारखंड आंदोलनकारी, किसान और मजदूर अपनी लंबित मांगों, विस्थापन की समस्याओं और कथित भ्रष्टाचार के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में विस्थापितों को उचित मुआवजा, रोजगार और पुनर्वास देने के साथ विस्थापन आयोग का गठन शामिल है। इसके अलावा झारखंड आंदोलनकारियों को समान पेंशन देने और उनके बेटे-बेटियों को सरकारी नौकरी में सीधी नियुक्ति की मांग भी की जा रही है। किसानों के लिए 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को 10 हजार रुपये मासिक पेंशन और कर्जमाफी की मांग भी उठाई गई है।

बोकारो: आईटीआई मोड़ पर आंदोलनकारियों ने किया चक्का जाम
बोकारो के उपनगर चास में भी झारखंड बंद का असर साफ नजर आया। बुधवार सुबह झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले आंदोलनकारियों ने चास के आईटीआई मोड़ पर चक्का जाम कर धरना-प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मनोज राय ने की। प्रदर्शनकारियों ने झारखंड की स्थानीय नीति लागू करने के साथ झारखंड आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारियों के नाम सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करने की मांग उठाई। उनका कहना है कि आंदोलनकारियों के मान-सम्मान और अधिकारों को लेकर सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। चक्का जाम के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की और सरकार से जल्द सकारात्मक कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के कारण आईटीआई मोड़ पर कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा।
मेदिनीनगर में भी प्रदर्शन, रेड़मा चौक पर लगा जाम
मेदिनीनगर में भी झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा का पूर्व प्रस्तावित प्रदर्शन प्रभावी रहा। कार्यक्रम के तहत महिला और पुरुष आंदोलनकारियों ने रेड़मा चौक को जाम कर दिया। आंदोलनकारी सड़क पर बैठकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। पेंशन, सम्मान समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनकारी नारेबाजी कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान सड़क पर आवाजाही रोक दी गई, जिससे रेड़मा चौक पर जाम की स्थिति बन गई। मौके पर पुलिस मौजूद है और पूरे हालात पर नजर रखी जा रही है।
स्थिति यह है कि आंदोलनकारी बाइक तक को पार नहीं होने दे रहे हैं। इससे रेड़मा चौक के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई है। जाम में कई स्कूल बसें भी फंसी हुई हैं। ऑफिस और स्कूल जाने वाले लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जाम में फंसे लोग दूसरे रास्तों का सहारा लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।


