रांची: झारखंड की बदहाल सरकारी रक्तदान व्यवस्था और रक्त विकार रोगों से जुड़ी समस्याओं को लेकर आगामी 27 सितंबर रविवार को राजधानी रांची के मेन रोड स्थित केन होटल में एक राज्यस्तरीय आत्मचिंतन बैठक का आयोजन किया जा रहा है। झारखंड राज्य स्वैच्छिक रक्तदान संगठन कॉर्डिनेशन कमेटी के बैनर तले आयोजित इस बैठक में प्रदेश के सभी 24 जिलों के सक्रिय रक्तदान आयोजक, रक्तदान संगठन और रक्तवीर एक मंच पर जुटेंगे।

आयोजकों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग पिछले कुछ वर्षों से रक्तदान और थैलेसीमिया व अन्य रक्त विकार रोगों के लिए एक व्यावहारिक व तार्किक नीति बनाने और उसके क्रियान्वयन को लेकर पूरी तरह असंवेदनशील बना हुआ है।सरकारी उपेक्षा और लचर व्यवस्था के कारण आम मरीजों और उनके परिजनों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की इस उदासीनता के खिलाफ राज्यहित में रणनीति तैयार करने के लिए यह बैठक बुलाई गई है।
बैठक में राज्य भर के 150 से अधिक स्वैच्छिक रक्तदान आयोजकों व संगठनों के प्रतिनिधियों के अलावा रक्त विकार से पीड़ित मरीज, उनके परिजन और सामाजिक चिंतक भी शामिल होंगे। कॉर्डिनेशन कमेटी के राज्य संयोजक रक्तवीर नदीम खान, रक्तवीर सपन कुमार महतो और रक्तवीर सूरज झंडाई ने संयुक्त रूप से यह सूचना जारी करते हुए बताया कि इस मंथन का मुख्य उद्देश्य राज्य में स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देना, रक्त बैंकों की व्यवस्था सुधारना और पीड़ितों को आसानी से रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित कराना है।


