बस किराया बढ़ाने की तैयारी पर भड़का झारखंड यात्री संघ, कहा-यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ स्वीकार नहीं

झारखंड में बस किराया बढ़ोतरी का यात्री संघ ने विरोध किया और इसे अनुचित बताते हुए राज्य सरकार से हस्तक्षेप की मांग की, कहा इससे आम यात्रियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा

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रांची :  झारखंड में बस किराया बढ़ाने की चर्चाओं के बीच झारखंड यात्री संघ ने इसका कड़ा विरोध जताया है। संघ का कहना है कि निजी बस संचालकों द्वारा प्रस्तावित किराया वृद्धि न केवल अनुचित है, बल्कि इससे आम यात्रियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ेगा। शुक्रवार को रांची में आयोजित संघ की आपात बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष प्रेम मित्तल ने की। बैठक में मौजूद पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि बस किराया तय करने का अधिकार केवल राज्य सरकार और परिवहन विभाग के पास है। किसी निजी संगठन, बस संचालक समूह या अन्य संस्था द्वारा किराया बढ़ाने की घोषणा करना नियमों के अनुरूप नहीं है।

यात्री संघ ने तर्क दिया कि हाल के समय में डीजल की कीमतों में सीमित वृद्धि हुई है, ऐसे में 20 प्रतिशत तक किराया बढ़ाने की मांग का कोई ठोस आधार नहीं है। संघ का मानना है कि झारखंड में पहले से ही कई मार्गों पर यात्रियों को अपेक्षाकृत अधिक किराया चुकाना पड़ रहा है, इसलिए अतिरिक्त बढ़ोतरी आम लोगों की परेशानी बढ़ाएगी। संघ ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि किराया निर्धारण जैसे विषय पर गैर-सरकारी संस्थाओं की भूमिका बढ़ रही है। पदाधिकारियों ने राज्य सरकार से हस्तक्षेप कर यात्रियों के हितों की रक्षा करने और किसी भी मनमानी किराया वृद्धि पर रोक लगाने की मांग की। यात्री संघ ने चेतावनी दी कि यदि यात्रियों के हितों की अनदेखी कर किराया बढ़ाया गया तो इसके खिलाफ व्यापक स्तर पर आवाज उठाई जाएगी।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।