


रांची: झारखंड कैबिनेट ने गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए छात्रों के लिए मार्जिन मनी की बाध्यता को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 53 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 15 लाख रुपये तक के ऋण पर लगने वाली 5 प्रतिशत मार्जिन मनी खत्म होने से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बैंक से पूरी राशि मिल सकेगी। इसके साथ ही प्रवेश के समय छात्रों द्वारा जमा की गई पहले सेमेस्टर या वर्ष की फीस की एकमुश्त री-इंबर्समेंट (प्रतिपूर्ति) सीधे वेब पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। योजना का दायरा बढ़ाते हुए साउथ एशियन यूनिवर्सिटी, नालंदा यूनिवर्सिटी, इंडियन मेरिटाइम यूनिवर्सिटी और केंद्रीय विवि जैसे राष्ट्रीय संस्थानों को भी इसमें शामिल किया गया है।





शिक्षा और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार 4,345 पंचायतों में सामाजिक नवाचार के तहत ग्रासरूट्स इंटर्नशिप, सीड फंडिंग, मुख्यमंत्री शोध फेलोशिप और पेटेंट सहायता प्रदान करेगी। इसके लिए वर्ष 2026 से 2031 तक 1,834 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत उच्च शिक्षा के 10 हजार स्नातक छात्र-छात्राओं को आठ सप्ताह की सवैतनिक इंटर्नशिप दी जाएगी, जिसमें स्टाइपेंड की राशि 10 हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये कर दी गई है। छात्राओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता का ध्यान रखते हुए सरकार ने सरकारी स्कूलों की छठी से 12वीं तक की करीब 8.50 लाख छात्राओं को हर माह 10 बायो सेनेटरी पैड देने का निर्णय लिया है, जिस पर 124 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा एमजीएम जमशेदपुर और शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज धनबाद में एमबीबीएस की सीटें बढ़ाने, राज्य के 606 थानों में सीसीसीटीवी कैमरे लगाने तथा सरकारी स्कूलों के बच्चों को भी निजी स्कूलों की तर्ज पर ‘स्टूडेंट डायरी’ देने जैसे कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।
