रांची: झारखंड के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को जन्मजात हृदय रोग से मुक्ति दिलाने के लिए राज्य सरकार ने एक संवेदनशील पहल की शुरुआत की है। स्वास्थ्य विभाग और अमृता हॉस्पिटल (कोच्चि) के संयुक्त तत्वावधान में रिम्स ऑडिटोरियम में ‘गिफ्ट ऑफ लाइफ’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इसका उद्घाटन करते हुए कहा कि राज्य के किसी भी बच्चे को पैसे के अभाव में इलाज से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

इस योजना के तहत जन्म से 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया, जिसमें 380 बच्चों की गहन चिकित्सीय स्क्रीनिंग की गई। जिन बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की पुष्टि होगी, उन्हें कोच्चि स्थित अमृता हॉस्पिटल भेजा जाएगा। बच्चों की सर्जरी, दवाइयों, अस्पताल में रहने, खाने और कोच्चि आने-जाने समेत पूरा यात्रा खर्च (लगभग 5 से 10 लाख रुपये तक) राज्य सरकार वहन करेगी।

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रिम्स में भी जन्मजात हृदय रोग के संपूर्ण इलाज की स्थायी व्यवस्था जल्द शुरू की जाए, ताकि मरीजों को दूसरे राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने भी घोषणा की कि अगले एक वर्ष के भीतर रिम्स में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की व्यवस्था कर ली जाएगी। सरकार के इस कदम से राज्य के सैकड़ों परिवारों में स्वस्थ भविष्य की नई उम्मीद जगी है।


