वकीलों की सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर एडवोकेट एसोसिएशन सख्त, कार्रवाई की चेतावनी

झारखंड हाईकोर्ट के वकीलों की रीलबाजी पर एडवोकेट एसोसिएशन सख्त, सोशल मीडिया पर प्रचार और रील्स हटाने की चेतावनी दी; नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई।

Razi Ahmad
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रांची: सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए वीडियो और रील्स बनाने वाले झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एडवोकेट एसोसिएशन झारखंड हाईकोर्ट ने अधिवक्ताओं के सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। एसोसिएशन ने इस संबंध में चेतावनी जारी करते हुए विवादित पोस्ट तत्काल हटाने का निर्देश दिया है।

रील्स में कोर्ट की तस्वीरें और फीस का प्रचार, एसोसिएशन को आपत्ति

एसोसिएशन के महासचिव नवीन कुमार की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि कुछ अधिवक्ता सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे वीडियो और रील्स पोस्ट कर रहे हैं, जिनमें झारखंड हाईकोर्ट की तस्वीरें, वीडियो, उद्धरण और गानों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

कुछ रील्स में न्यायालय कक्ष की तस्वीरों के साथ बहस करने की बनावटी मुद्रा भी दिखाई जा रही है। इतना ही नहीं, कुछ अधिवक्ता कानूनी परिणामों का आश्वासन देने, अपनी फीस का विवरण साझा करने और सोशल मीडिया के माध्यम से मुवक्किलों को आकर्षित करने वाली सामग्री भी पोस्ट कर रहे हैं।

एडवोकेट एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की गतिविधियां अधिवक्ताओं के लिए निर्धारित पेशेवर आचार-संहिता के खिलाफ हैं।

एसोसिएशन के मुताबिक, अधिवक्ता अधिनियम, 1961 और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियम 36 के तहत अधिवक्ताओं द्वारा विज्ञापन और मुवक्किलों को आकर्षित करने के लिए प्रचार करना प्रतिबंधित है।

ऐसी गतिविधियों से न केवल अधिवक्ता पेशे की गरिमा प्रभावित होती है, बल्कि न्यायालय की मर्यादा पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।

पुरानी रील्स भी हटानी होंगी, नहीं तो होगी कार्रवाई

महासचिव नवीन कुमार ने सभी अधिवक्ताओं से सोशल मीडिया पर इस तरह की गतिविधियों को तत्काल बंद करने और पहले से पोस्ट किए गए संबंधित वीडियो एवं रील्स हटाने का अनुरोध किया है।

साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्देशों का पालन नहीं करने वाले अधिवक्ताओं के मामलों को उचित कार्रवाई के लिए झारखंड स्टेट बार काउंसिल के पास भेजा जाएगा।

एसोसिएशन के इस सख्त रुख के बाद हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं के बीच सोशल मीडिया पर पेशेवर गतिविधियों के प्रचार को लेकर नई चर्चा शुरू हो सकती है। अब देखना होगा कि इस चेतावनी के बाद अधिवक्ता अपनी सोशल मीडिया गतिविधियों में किस तरह बदलाव करते हैं।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।