झारखंड हाई कोर्ट में CM हेमंत की याचिका पर BJP ने निकाली भड़ास, 5 डिफेक्ट की ओर…

यानी मामला तब तक सूचीबद्ध नहीं होगा जब तक इन डिफेक्ट को दूर नहीं किया जाएगा, यानी एक बार फिर से लटकाने का प्रयास हो रहा

News Aroma Media
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रांची : भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव (Pratul Shahdev) ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी लीगल टीम पर हाई कोर्ट में मामले को जबरन लटकाने का बड़ा आरोप लगाया।

सोमवार को भाजपा मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रतुल शाहदेव ने दस्तावेज को जारी करते हुए दिखाया कि किस तरीके से 23 तारीख को मुख्यमंत्री की लीगल टीम (Chief Minister’s legal team) ने उनके इशारे पर जिस याचिका को हाई कोर्ट में दाखिल किया है उसमें पांच डिफेक्ट लगे हुए हैं।

प्रतुल ने कहा कि यह सिर्फ चतुराई और धूर्तता से ED समन मामले को उलझाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि क्या मुख्यमंत्री के महंगे वकीलों, लीगल टीम को यह भी नहीं पता कि याचिका की एक्स्ट्रा कॉपी दी जाती है।

उन्होंने कहा कि सत्ताधारी गठबंधन पूरे जोर-जोर से कहता है कि मुख्यमंत्री ईडी के मामले में उच्च न्यायालय गए हैं लेकिन याचिकाओं में डिफेक्ट को छोड़ दिया है।

यानी मामला तब तक सूचीबद्ध नहीं होगा जब तक इन डिफेक्ट को दूर नहीं किया जाएगा। यानी एक बार फिर से लटकाने का प्रयास हो रहा।

मुख्यमंत्री जी ने खूब प्रचार किया

प्रतुल ने कहा कि यह पहला मामला नहीं है जब डिफेक्ट छोड़कर मुख्यमंत्री ने याचिका को लटकाया हो।

इसके पूर्व भी जब झारखंड के राज्यपाल के खिलाफ नवंबर, 2022 में मुकदमा दाखिल किया था, वह आज तक इसलिए सूचीबद्ध नहीं हुआ है क्योंकि उसमें भी अभी तक डिफेक्ट है।

प्रतुल ने कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री जी ने खूब प्रचार किया था कि राज्यपाल के खिलाफ उच्च न्यायालय गए हैं लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि जानबूझकर इन मुकदमों में डिफेक्ट छोड़ दिया जाता है, जिससे मामला उच्च न्यायालय में फाइल तो हो जाए लेकिन सूचीबद्ध नहीं हो।

प्रतुल ने कहा…

प्रतुल ने कहा कि मुख्यमंत्री को पता है कि कानून के लंबे हाथ उन तक पहुंच गए हैं इसलिए वह सारे मामले को ज्यादा से ज्यादा टालने की कोशिश कर रहे हैं।

लेकिन, बहुत दिनों तक यह चाल कामयाब नहीं होगी। यह मानना संभव नहीं है कि मुख्यमंत्री जी ने जिन लाखों रुपये के फीस वाले वकीलों को हायर किया है उनको इन Defect को दूर करने में कोई परेशानी होगी। पूरा मामले को लटकाने के लिए डिफेक्ट छोड़े जा रहे हैं, ताकि यह मामले सूचीबद्ध होकर सुनवाई में नहीं आए।

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