
रांची: रांची नगर निगम की ओर से ट्रेड लाइसेंस रद्द करने और नियम विरुद्ध दुकान संचालन का हवाला देते हुए जारी किए गए नोटिस के खिलाफ अपर बाजार के छह दुकानदारों को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने नगर निगम की कार्रवाई पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है, जिससे प्रभावित दुकानदारों ने राहत की सांस ली है। इस फैसले के बाद रांची नगर निगम दुकानदार संघ ने इसे व्यापारियों की जीत बताया है। संघ के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने कहा कि झारखंड हाई कोर्ट ने व्यवसायियों को बहुत बड़ी राहत दी है। अब अधिक से अधिक दुकानदारों को एकजुट होकर अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आगे आना चाहिए, ताकि स्थाई समाधान की दिशा में प्रयास किए जा सकें। सरकार से आग्रह है कि इस समस्या का समाधान जल्द से जल्द निकाले।
उन्होंने कहा कि अपर बाजार की किसी भी दुकान को सील करने जैसी कार्रवाई नहीं होगी और नगर निगम व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालेगा। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश से व्यापारियों को राहत मिली है, लेकिन इस मुद्दे का स्थायी समाधान निकालना आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि यह राहत फेडरेशन को झारखंड चैंबर की लीगल सब-कमेटी के अध्यक्ष देवेश आजमानी, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, चैंबर के पूर्व मंत्री कुणाल आजमानी, पूर्व अध्यक्ष पवन शर्मा, गोवर्धन गाड़ोदिया, अंजय सरावगी तथा अन्य पदाधिकारियों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।
मुकेश अग्रवाल ने कहा कि देवेश आजमानी ने जिस तत्परता और गंभीरता से मामले को उठाया और मात्र 24 घंटे के भीतर सकारात्मक परिणाम दिलाने में भूमिका निभाई, वह सराहनीय है। इस कानूनी लड़ाई में सहयोग देने वाले सभी लोगों, अधिवक्ताओं और व्यापारिक संगठनों के प्रति आभार व्यक्त करते है। व्यापारियों के अधिकारों और आजीविका की रक्षा के लिए एकजुटता के साथ आगे भी प्रयास जारी रहेंगे। वहीं कुणाल आजमानी ने कहा कि सभी व्यापारियों की एकता और कानूनी लड़ाई के कारण यह सफलता मिली है। अभी यह लड़ाई समाप्त नहीं हुई है और बाजार के दुकानदारों के हितों की रक्षा के लिए आगे भी संघर्ष जारी रहेगा।

