रांची: झारखंड में कार्मिक विभाग का मानव संपदा पोर्टल (HRMS Portal) बंद होने के कारण लगभग 300 कनीय पुलिस अधिकारी अपनी संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक नहीं कर पा रहे हैं, जिसके चलते उनकी प्रोन्नति (प्रमोशन) लटक गई है। खास बात यह है कि इस मामले में विभाग के सचिव प्रवीण टोप्पो अड़ियल रवैया अपनाते हुए पोर्टल खोलने को तैयार नहीं हैं। वे न तो मंत्री की बात सुन रहे हैं और न ही गृह सचिव की अनुशंसा पर विचार कर रहे हैं।

नियमों के मुताबिक, जब तक कनीय पुलिसकर्मी अपनी संपत्ति की घोषणा नहीं करेंगे, तब तक उनका वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन नहीं लिखा जा सकेगा। इसके कारण प्रस्तावित प्रोन्नति बोर्ड की बैठक में इन पुलिस अधिकारियों की प्रोन्नति पर विचार नहीं हो पाएगा।
समस्या से अवगत होने के बाद वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कार्मिक सचिव प्रवीण टोप्पो को बुलाकर बात की और कहा कि यदि पोर्टल खोलने में कोई वैधानिक कठिनाई है, तो उन्हें लिखित रूप से अवगत कराया जाए। वित्त मंत्री ने तर्क दिया कि यदि पोर्टल सालभर खुला रहेगा तो इसमें क्या क्षति होगी। इसके जवाब में कार्मिक सचिव ने पोर्टल खोलने से साफ इनकार कर दिया और लिखित में भी कुछ देने से कन्नी काट ली। वित्त मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन-प्रशासन संवेदना से चलता है, हठधर्मिता से नहीं। मंत्री ने इस पूरे मामले की जानकारी मुख्य सचिव को भी दे दी है।
कार्मिक सचिव का कहना है कि यह पोर्टल वर्ष में सिर्फ एक बार जनवरी-फरवरी में ही खोलने का प्रावधान है और नियमावली में इसे सालभर खुला रखने का कोई नियम नहीं है। वहीं, वित्त मंत्री ने मुख्य सचिव से पत्राचार कर पूरे मामले की जानकारी दे दी है और गृह सचिव की अनुशंसा के बावजूद कार्मिक सचिव द्वारा सहयोग न करने पर नाराजगी जताई है। इस बीच, पोर्टल बंद रहने से करीब 300 पुलिस अधिकारियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।


