जमीन विवाद के दौरान ग्राम सभा में बवाल, पुलिस पर हमला, थाना प्रभारी सहित दो घायल

News Aroma
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Ranchi News: लापुंग थाना क्षेत्र के कोइनारा गांव में मंगलवार को जमीन विवाद को सुलझाने के लिए आयोजित ग्राम सभा के दौरान पुलिस पर हमला हुआ। इस घटना में थाना प्रभारी संतोष यादव सहित दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। थाना प्रभारी के सिर में गंभीर चोट लगी है, और उन्हें रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

साथ ही, झड़प के दौरान दो ग्रामीणों, जतरु मुंडा और बिरसा देवी, को गोली लगने की खबर है। दोनों को पहले भरनो अस्पताल ले जाया गया, फिर बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया।

क्या है मामला

पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम सभा में कुछ असामाजिक तत्व उपद्रव कर सकते हैं। इसके आधार पर थाना प्रभारी संतोष यादव पुलिस टीम के साथ कोइनारा गांव पहुंचे। वहां पहुंचते ही भीड़ ने उन पर हमला कर दिया।

ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की फायरिंग में जतरु मुंडा और बिरसा देवी घायल हुए। पुलिस महानिरीक्षक (IG) मनोज कौशिक ने कहा कि घायल ग्रामीणों के बयान लेकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का दावा, आत्मरक्षा में हवाई फायरिंग

DIG सह रांची SSPचंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि पुलिस ने आत्मरक्षा में हवाई फायरिंग की। एक व्यक्ति के घायल होने की सूचना है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि गोली पुलिस की ओर से चली हो।

सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। उन्होंने घायल थाना प्रभारी से रांची के राज अस्पताल में मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और बेहतर इलाज का निर्देश दिया। कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय भी मौके पर मौजूद थे।

बाहरी तत्वों पर शक

बेड़ो पुलिस स्टेशन पर हाल ही में हुए हमले की तरह, पुलिस को आशंका है कि लापुंग की घटना में भी बाहरी लोग शामिल हो सकते हैं। बेड़ो मामले में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से आए लोगों ने ग्रामीणों को भड़काकर थाने पर हमला करवाया था। पुलिस को शक है कि लापुंग में भी वही लोग सक्रिय हो सकते हैं।

ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (SP) प्रवीण पुष्कर ने बताया कि क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है।

यह दूसरी घटना है जब रांची में पुलिस पर हुआ हमला

यह दूसरी घटना है जब रांची में पुलिस पर हमला हुआ। बीते शनिवार को बेड़ो थाने पर करीब 300 लोगों की भीड़ ने हमला किया था, जिसमें थाना प्रभारी देव प्रताप प्रधान सहित कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

उस मामले में 275 अज्ञात और 34 नामजद लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। लापुंग की घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस के प्रति बढ़ती हिंसा की चिंता को और गहरा कर दिया है।

पुलिस ने हमलावरों की पहचान शुरू कर दी है और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। बाहरी तत्वों की भूमिका और गोलीबारी की वजह की जांच के लिए कई बिंदुओं पर पड़ताल की जा रही है।

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