झारखंड

DSPMU के निलंबित छात्रों के मामले में पुनः जांच की मांग, शिक्षिका से बदतमीजी और मारपीट…

रांची के डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में बीते दिनों राजनीति विज्ञान (Political Science) विभाग में छात्रों के बीच झड़प के बाद तीन छात्रों को निलंबित किया गया था।

DSPMU Clash Between Students : रांची के डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में बीते दिनों राजनीति विज्ञान (Political Science) विभाग में छात्रों के बीच झड़प के बाद तीन छात्रों को निलंबित किया गया था।

इस मामले में AJSU ने तीनों छात्रों को निलंबित किए जाने की पुन: जांच करने की मांग की है। शनिवार को आजसू का एक प्रतिनिधिमंडल कुलपति डॉ तपन कुमार शांडिल्य से मिला और मामले में पुन: जांच की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।

क्या है पूरा मामला?

AJSU के आशुतोष सिन्हा (Ashutosh Sinha) ने कहा कि बीते दिनों राजनीति विज्ञान की कक्षा में शिक्षिका डॉ रीना नंद ने एक छात्र-छात्रा को बात करने से मना किया और उन्हें कक्षा से बाहर जाने को कहा।

तभी छात्र आयुष गौतम ने शिक्षिका से बद्तमीजी से बात की इससे आहत शिक्षिका कक्षा छोड़कर चली गईं। तब कक्षा के कुछ छात्र शिक्षिका के पास गए और उनसे दोबारा कक्षा में चलने का आग्रह किया था।

मामले में हुई है एक तरफा जांच

वहीं, छात्र आयुष गौतम को जब बुलाया गया, तो उसने दूसरे छात्र के साथ गाली-गलौज की और मारपीट शुरू की। इसमें निलंबित किए गए विद्यार्थियों ने अपने बचाव में हाथापाई की, जिसमें आयुष गौतम को सिर पर चोट लगी।

आजसू कार्यकर्ताओं का कहना था कि निलंबित किए छात्रों के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की जांच निष्पक्ष नहीं है। रजिस्ट्रार ने उन्हें निलंबित करने का कार्यालय आदेश जारी किया है और उन्हें भविष्य में नामांकन भी नहीं दिया जाएगा।

AJSU ने आरोप लगाया कि जांच पूरी तरह एकतरफा है और DSPMU के DSW व रजिस्ट्रार ने जांच के दौरान जो तीन छात्र निलंबित किए गए उनके लिए अपराधी व चोर, जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, साथ ही यह दलील भी दी कि राजभवन के दबाव में यह निर्णय लिया गया है। AJSU ने मामले की पुन: निष्पक्ष जांच करने की मांग की।

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