ED की तबातोड़ छापेमारी, बैंक घोटाला मामले में जमशेदपुर सहित पांच राज्यों के 15 स्थान पर छापेमारी

दिल्ली की कंपनी एलायड स्ट्रिप्स, उसके तीन डायरेक्टर, जमशेदपुर की कंपनी हाईकाे इंजीनियर्स लिमिटेड सहित नाै कंपनियाें के खिलाफ FIR दर्ज की थी।

Central Desk
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ED Raid in Jharkhand : गुरुवार को झारखंड (Jharkhand) के जमशेदपुर (Jamshedpur) सहित देश के पांच शहरों के 15 ठिकानों पर 1392.86 करोड़ के बैंक घोटाला (Bank Scam) मामले में इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरट (ED) छापामारी (Raid) कर रही है।

जमशेदपुर के अलावा Delhi, गुरुग्राम, महेंद्रगढ़ और बहादुरगढ़ के 15 ठिकानों पर ED की टीम ने तलाशी ले है।

गौरतलब है कि CBI ने 1392.86 कराेड़ के बैंक घाेटाले का पर्दाफाश किया था।

जांच एजेंसी ने इस मामले में दिल्ली की कंपनी एलायड स्ट्रिप्स, उसके तीन डायरेक्टर, जमशेदपुर की कंपनी हाईकाे इंजीनियर्स लिमिटेड सहित नाै कंपनियाें के खिलाफ FIR दर्ज की थी।

इसके बाद ED इस मामले की जांच कर रही है।

इनको बनाया गया है आराेपी

– एलायड स्ट्रिप्स लिमिटेड, राेहतक राेड, वेस्ट दिल्ली और इसके डायरेक्टर-माेहिंदर अग्रवाल, गाैरव अग्रवाल व सुनीता अग्रवाल

– श्वेता एग्रोकेम, कोलकाता

– दीक्षा विनियोग, कोलकाता

– सुरवी कॉमोट्रेड, कोलकाता

– प्रोमिनेंट व्यापार, कोलकाता

– चंद्रमुखी वाणिज्य, कोलकाता

– साई सहारा कॉमर्शियल, कोलकाता

– पावर 2 एसएमई, गुड़गांव, हरियाणा

– हाईको इंजीनियर्स, आदित्यपुर, जमशेदपुर।

 931 कराेड़ का लिया गया था लाेन

जानकारी के मुताबिक, एलायड स्ट्रिप्स (Alloy Strips) ने साल 2000 में पांच बैंकाें से 931 कराेड़ का लाेन (Loan) लिया था। लाेन की रकम आठ कंपनियाें काे थमा दी।

अब बैंकाें की देनदारी बढ़कर 1392.86 कराेड़ रुपए हाे गई। एलायड ने जमशेदपुर के आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया की स्टील मैन्युफैक्चरिंग कंपनी हाईकाे इंजीनियर्स लि. काे भी मशीन खरीदारी के नाम पर 7.50 कराेड़ दिए थे, पर न ताे कंपनी ने मशीन की सप्लाई की और न ही एलाइड स्ट्रिप्स ने पैसे वापस मांगे।

2012 में लोन रीविजन का आवेदन

एलायड ने वर्ष 2000 में दिल्ली के केनरा बैंक से 356 कराेड़, यूकाे बैंक से 202 कराेड़, ओरिएंटल बैंक ऑफ काॅमर्स (अब पीएनबी) से 167 कराेड़, PNB से 136 कराेड़ और बैंक ऑफ बड़ाैदा से 70 कराेड़ का लाेन लिया था।

फिर EMI देना बंद कर दिया। बैंकाें ने जब नाेटिस भेजा ताे डायरेक्टर्स ने नवंबर 2012 में कंपनी की आर्थिक स्थिति खराब बताते हुए लाेन की रकम काे रिवाइज करने का आवेदन दिया।

बैंकाें ने जब फाॅरेंसिक ऑडिट कराई ताे पता चला कि एलायड स्ट्रिप्स ने लाेन की राशि वैसी कंपनियाें काे ट्रांसफर कर दी है, जाे एलायड से ही जुड़ी थीं।

बैंकों को धोखा देने की तरकीब

एलायड स्ट्रिप्स के डायरेक्टराें ने बैंकाें काे धाेखा देने के लिए उन कंपनियाें काे ही गारंटर बनाया, जिनके वे खुद शेयर हाेल्डर भी हैं।

लेकिन, फाॅरेंसिक ऑडिट में खुलासा हुआ कि इन कंपनियाें का प्रत्यक्ष या पराेक्ष रूप से मालिकाना हक एलायड के डायरेक्टर्स के पास ही थी।

कंपनी ने लाेन के पैसे भी अपनी शेयर वाली गारंटर कंपनियाें काे ही ट्रांसफर कर दिया। इसी गड़बड़ी की ईडी जांच कर रही है।

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