26 साल पुराने दहेज मामले में कोतवाली के तत्कालीन दारोगा को उम्र कैद की सजा, साथ ही…

News Aroma
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Kotwali Inspector get Life Imprisonment : शनिवार को दहेज हत्या (Dowry Murder) के एक 26 साल पुराने मामले में अपर न्यायायुक्त अरविंद कुमार की अदालत ने कोतवाली थाने (Kotwali Police Station) के तत्कालीन दारोगा Bihar के भोजपुर निवासी रामप्रसून दुबे, उसकी पत्नी  ललिता देवी और बेटे काशीनाथ दुबे को दोषी करार दिया।

उन्हें उम्रकैद (Life imprisonment) की सजा सुनाई। तीनों पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।

सेशन कोर्ट ने तीनों के खिलाफ 24 जुलाई 2015 को तीनों के खिलाफ हत्या और साजिश रचने का आरोप गठित किया था।

इसमें दहेज हत्या, सबूत छिपाने और साजिश रचने के आरोप को सही पाया गया। अब इस मामले में तीनों को सजा सुनाई गई।

छोटे बेटे ने ही दर्ज कराया था मामला

जानकारी के अनुसार, यह मामला रामप्रसून दुबे के छोटे बेटे विश्वनाथ दुबे के बयान पर 4 मई 1998 को डोरंडा थाने में दर्ज किया गया था।

उस समय विश्वनाथ की उम्र महज 10 साल थी। आरोप था कि दहेज के लिए अपनी नवविवाहिता बहू इंदु देवी की गला दबाकर हत्या कर दी थी।

घटना के समय राम प्रसून कोतवाली थाने में दारोगा थे।

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