राज्यसभा चुनाव का बजा बिगुल, आज से नामांकन, 9 जून को होगी स्क्रूटनी

झारखंड में राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। उम्मीदवारों पर सस्पेंस बरकरार है, जबकि विधानसभा का गणित और जयराम महतो का वोट चर्चा में है।

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रांची: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनावी बिगुल बज चुकाहै। चुनाव आयोग की ओर से 1 जून को अधिसूचना जारी की जाएगी, जिसके साथ ही नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून तय की गई है। 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि उम्मीदवार 11 जून तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक कराया जाएगा। इसके बाद उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी। नतीजे भी 18 जून को ही घोषित होने की संभावना है।

उम्मीदवारों पर सस्पेंस जारी

हालांकि चुनाव की तारीखें तय होने के बावजूद उम्मीदवारों के नामों को लेकर तस्वीर अभी साफ नहीं है। सत्तारूढ़ महागठबंधन में इस मुद्दे पर लगातार मंथन चल रहा है और कई दौर की बैठकों के बाद भी अंतिम फैसला नहीं हो पाया है। जानकारी के मुताबिक, एक सीट पर JMM के चुनाव लड़ने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है, जबकि दूसरी सीट कांग्रेस के खाते में जा सकती है। माना जा रहा है कि अगले एक-दो दिनों में गठबंधन की ओर से अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा, जिसके बाद दोनों दल अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर सकते हैं। वहीं एनडीए खेमे में भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। भाजपा ने एक सीट पर चुनाव लड़ने का संकेत दिया है, लेकिन उम्मीदवार को लेकर अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।

समझिए विधानसभा का गणित

महागठबंधन (JMM-कांग्रेस-राजद-माले)-राज्य की सत्तारूढ़ महागठबंधन सरकार के पास फिलहाल कुल 56 विधायक हैं। यह संख्या उन्हें राज्यसभा की दोनों सीटों पर जीत दिलाने के लिए पर्याप्त मानी जा रही है। हालांकि सीटों के बंटवारे और उम्मीदवार चयन को लेकर गठबंधन के भीतर अभी चर्चा जारी है।

एनडीए (BJP-आजसू-जदयू-लोजपा)-विपक्षी गठबंधन एनडीए के पास कुल 24 विधायक हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 वोटों की जरूरत होती है। ऐसे में एनडीए को अभी चार अतिरिक्त वोटों की दरकार है। इसके लिए उन्हें अन्य विधायकों का समर्थन या फिर क्रॉस वोटिंग की उम्मीद करनी होगी।

जयराम महतो का एक वोट बन सकता है गेमचेंजर

इस चुनाव में जेएलकेएम (JLKM) विधायक जयराम महतो की भूमिका भी बेहद अहम मानी जा रही है। फिलहाल वे किसी भी खेमे के साथ खुले तौर पर नहीं हैं। ऐसे में उनका एक वोट दूसरी सीट की लड़ाई में निर्णायक साबित हो सकता है और चुनावी समीकरण बदल सकता है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।