लोकायुक्त जस्टिस ध्रुव नारायण उपाध्याय का निधन, CM हेमंत सोरेन ने जताया शोक

सोमवार कीरात करीब 2.30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली

रांची: झारखंड के लोकायुक्त जस्टिस ध्रुव नारायण उपाध्याय का निधन हो गया है। कोरोना संक्रमण की चपेट में आने के बाद दिल्ली एम्स में उनका इलाज चल रहा था। जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया है।

सोमवार कीरात करीब 2.30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

उनके निधन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट किया है कि झारखंड के लोकायुक्त जस्टिस ध्रुव नारायण उपाध्याय के निधन की दुःखद खबर मिली। न्यायिक क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने कई दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया था।

ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को दुःख सहने की शक्ति दें। उपाध्याय के निधन पर कई न्यायाधीशों और कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।

उल्लेखनीय है कि वे 15 मई से कोरोना संक्रमित थे। इसके बाद 18 मई को वे रांची के बरियातू स्थित रामप्यारी अस्पताल में एडमिट हुए थे। इसके बाद 25 मई को मेडिका अस्पताल में एडमिट कराया गया।

स्थिति गंभीर होने पर 11 जून को एम्स दिल्ली में वेंटिलेशन पर उन्हें भर्ती कराया गया।

लोकायुक्त झारखंड के पद पर उनका एक साल का कार्यकाल शेष था। जस्टिस डीएन उपाध्याय 67 साल के थे।

फरवरी 2022 में लोकायुक्त झारखंड के पद से सेवानिवृत्त होने वाले थे।

वे झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद पांच साल के लिए लोकायुक्त नियुक्त किये गए थे।

वे जमशेदपुर सिविल कोर्ट से वकालत की शुरुआत की थी। वहां 1997 तक उन्होंने वकालत की। वह 1992 से 1996 तक वे जिला बार एसोसिएशन जमशेदपुर के महासचिव थे।

इसके अलावा उपाध्याय बिहार सुपीरियर न्यायिक सेवा के तहत मई 1997 में गिरिडीह के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज बने थे। इसके बाद वे साहिबगंज गिरिडीह और धनबाद में जिला एवं सत्र न्यायाधीश बने थे।

वे न्यायायुक्त रांची, ज्यूडिशल एकेडमी झारखंड के निदेशक, झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड के सीनियर लॉ एडवाइजर के बाद वह 27 अप्रैल 2011 को झारखंड हाईकोर्ट के एडिशनल जज बने थे।

31 जनवरी 2013 को उन्होंने झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी।

नौ फरवरी 2016 को वे झारखंड के लोकायुक्त नियुक्त किये गए थे। 13 फरवरी 2017 को उन्होंने लोकायुक्त का पद ग्रहण किया था।

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