टाटा मोटर्स और परिवहन विभाग के बीच एमओयू कार्यक्रम में बोले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन-आम नागरिक के जीवन से सीधा जुड़ा दस्तावेज है ड्राइविंग लाइसेंस

झारखंड में टाटा मोटर्स और परिवहन विभाग के बीच ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च संस्थान के लिए एमओयू, हैवी व्हीकल लाइसेंस प्रक्रिया आसान होगी और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे।

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रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में परिवहन विभाग और टाटा मोटर्स के बीच इंस्टिट्यूट ऑफ़ ड्राइविंग, ट्रेनिंग एंड रिसर्च की स्थापना के लिए मंगलवार को एमओयू साइन किया गया। इस मौके पर सीएम हेमंत ने कहा कि हमने परिवहन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिया था कि राज्य में ड्राइविंग लाइसेंस के जितने भी लंबित आवेदन हैं, उनका निष्पादन इस एमओयू से पहले ही पूरा कर लिया जाए। अक्सर यह देखा जाता है कि लोगों को लाइसेंस के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। छोटी गाड़ियों का लाइसेंस तो लोग बनवा लेते हैं, लेकिन बड़ी गाड़ियों के हैवी व्हीकल लाइसेंस के लिए आज भी हम काफी हद तक प्राइवेट संचालकों के भरोसे हैं। जाहिर है, कोई प्राइवेट संस्थान मुफ्त में तो लाइसेंस देगा नहीं, आम जनता को इसके लिए तरह-तरह के चक्कर काटने पड़ते हैं।

झारखंड जैसे राज्य में गरीब इस उम्मीद के साथ भी मेहनत करता है कि ट्रक, बस या खदानों में चलने वाली बड़ी मशीनों को खरीदकर या चलाकर अपना और अपने परिवार का गुजारा कर सके। लेकिन लाइसेंस न मिलने की वजह से वह इस अवसर से वंचित रह जाता है। आज हमारे राज्य में बड़े पैमाने पर खनन का काम चल रहा है, छोटे-बड़े उद्योग हैं, खाद्यान्न और कपड़ों का परिवहन हो रहा है, यहाँ तक कि बच्चों की किताबों के ट्रांसपोर्टेशन के लिए भी लाखों की संख्या में भारी वाहनों का परिचालन हो रहा है। इन गाड़ियों को चलाने के लिए चालकों के पास मान्यता प्राप्त हैवी ड्राइविंग लाइसेंस होना बेहद जरूरी है। ड्राइविंग लाइसेंस सिर्फ गाड़ी चलाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण पहचान-पत्र भी है। आजकल सरकारी प्रक्रियाओं में पहचान और पते के प्रमाण के रूप में ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और आधार जैसे दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। इसलिए यह आम नागरिक के जीवन से सीधा जुड़ा दस्तावेज है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।