
रांची: झारखंड में सामने आए ट्रेजरी घोटाले को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने लिखा कि हाल के दिनों में झारखंड पुलिस विभाग के ट्रेजरी से अवैध निकासी का मामला राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने इसे बहुचर्चित चारा घोटाले जैसा मामला बताया।
उन्होंने दावा किया कि इससे पहले भी ऊर्जा, पेयजल और पर्यटन विभाग समेत कई जिलों के ट्रेजरी से सैकड़ों करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले सामने आ चुके हैं। मरांडी के अनुसार, इससे यह संकेत मिलता है कि सरकारी तंत्र के संरक्षण में ही वित्तीय अनियमितताएं हो रही हैं। इसी वजह से उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई या न्यायिक जांच की मांग की है।
इधर, बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीआईडी जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने बड़े मामले की जांच सीबीआई और ईडी से कराई जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि घोटाले के तार कई राज्यों से जुड़े हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि पैसे को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया गया है। प्रतुल शाहदेव ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि 26 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है कि 11 तारीख बीत जाने के बाद भी कर्मचारियों और अधिकारियों को वेतन नहीं मिला है।
उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 2.35 लाख कर्मचारी वेतन पर निर्भर हैं, जबकि 40–45 हजार संविदाकर्मियों को भी भुगतान नहीं मिला है। इससे लोगों की ईएमआई और घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ा है। बीजेपी का कहना है कि राज्य की वित्तीय स्थिति गंभीर है। सरकार कर्ज लेकर भी वेतन भुगतान नहीं कर पा रही है।

