जमशेदपुर: वर्षों से वेतन से वंचित डेली वेज कर्मियों की मांगों को लेकर झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय ने शुक्रवार को जमशेदपुर विद्युत आपूर्ति क्षेत्र के महाप्रबंधक (जीएम) अजीत कुमार से मुलाकात की। विद्युत अधीक्षण अभियंता सुधीर कुमार की मौजूदगी में हुई इस बैठक के दौरान संघ ने जीएम को मांग-पत्र सौंपकर कर्मियों का बकाया वेतन, एरियर, ईपीएफ-ईएसआईसी विवरण देने और आउटसोर्सिंग एजेंसियों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की।

वार्ता के दौरान चांडिल डिवीजन के पांच कर्मियों अजय कुमार दास, विनय कुमार टुडू, सत्यवान महली, इंद्रजीत रजक और संतोष साव का मामला प्रमुखता से उठाया गया। संघ ने बताया कि वर्ष 2014 के सर्वे और विभागीय अनुभव प्रमाण-पत्र के बावजूद 2019 से 2021 के बीच इन कर्मियों का भुगतान रोक दिया गया, जिससे उनके समक्ष गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। अजय राय ने स्पष्ट कहा कि दिन-रात काम करने वाले कर्मियों का पारिश्रमिक रोकना प्रशासनिक लापरवाही और शोषण है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने 2017 से 2026 तक के वेतन एरियर की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाने, हर माह 1 से 5 तारीख तक वेतन देने, हेल्थ इंश्योरेंस के नाम पर हो रही कटौती की जांच कराने और निजी एजेंसियों के बजाय JAP-IT के माध्यम से कर्मियों को रखने की मांग रखी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए महाप्रबंधक अजीत कुमार ने कर्मियों को विभाग का अभिन्न अंग बताया और संबंधित अधिकारियों को तुरंत जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दोषी एजेंसियों को नोटिस जारी कर समस्याओं का समाधान कराया जाएगा और यदि एजेंसियां अपनी जिम्मेदारी में लापरवाही बरतती हैं, तो उनके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। संघ ने जीएम के आश्वासन का स्वागत करते हुए चेतावनी दी कि जब तक सभी मांगों का समाधान धरातल पर नहीं होता, संघर्ष जारी रहेगा। इस दौरान संघ के जिलाध्यक्ष राजेश सिंह राजू, चंदा सिंह राजपूत, चांदनी तिवारी, मन्नू भगवान मिश्रा समेत कई पदाधिकारी और सैकड़ों डेली वेज कर्मी उपस्थित थे।


