दूरदराज के गांवों से 20,000 फीट ऊंचे हिमालयन शिखर तक: दृष्टबाधित पर्वतारोहियों ने लिखी सफलता की नई इबारत!

Visually impaired Jharkhand youth conquer Dzo-Jongo Peak, inspiring a new story of inclusion and determination

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रांची : झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के दो युवाओं ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही अवसर, समावेश (Inclusion) और अटूट संकल्प मिल जाए, तो कोई भी मंजिल असंभव नहीं है। टाटा स्टील फाउंडेशन (Tata Steel Foundation) की दिव्यांगता समावेश पहल ‘सबल’ (Sabal) के जरिए अपने जीवन को बदलने वाले शेखर गोप और धीरोज कुमार ने लद्दाख की बेहद कठिन Dzo-Jongo Peak (20,000 फीट से अधिक ऊंची) पर तिरंगा फहराने का अद्भुत साहस दिखाया है। शिखर गोप (24 वर्ष, Todanhatu गांव): जन्म से 100% दृष्टबाधित हैं। शेखर ने तमाम चुनौतियों को पार करते हुए 20,000 फीट से ऊंचे Dzo-Jongo Peak के शिखर पर सफलतापूर्वक सफलता हासिल की।वहीं, धीरोज कुमार (23 वर्ष, Kadajamda गांव) ने भी बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए 16,732 फीट की ऊंचाई पर स्थित बेस कैंप तक का सफर तय किया। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण उन्हें आगे की चढ़ाई रोकनी पड़ी। बदलाव की शुरुआत (‘सबल’ पहल): वर्ष 2022 में टाटा स्टील फाउंडेशन के ‘सबल’ कार्यक्रम से जुड़ने के बाद दोनों ने ब्रेल लिपि, स्वतंत्र रूप से चलना-फिरना (Mobility) और डिजिटल कौशल सीखा। केवल पर्वतारोहण ही नहीं, ये दोनों युवा झारखंड ब्लाइंड फुटबॉल टीम का हिस्सा रह चुके हैं। शेखर झारखंड टीम के कप्तान भी रह चुके हैं। आज ये दोनों युवा खुद ‘मोबिलिटी ट्रेनर’ के रूप में अन्य दृष्टबाधित लोगों को आत्मनिर्भर बनने का प्रशिक्षण दे रहे हैं। यह सिर्फ एक पहाड़ फतह करने की कहानी नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास, उम्मीद और सीमाओं से परे जाकर अपने सपनों को सच करने की एक मिसाल है।

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Avantika Raj Choudhary एक अनुभवी और बहुआयामी पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का समृद्ध अनुभव प्राप्त है। इस दौरान उन्होंने एंकरिंग, रिपोर्टिंग, स्क्रिप्ट राइटिंग और वेबसाइट संचालन जैसे मीडिया के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। खबरों की गहरी समझ, प्रभावशाली प्रस्तुति और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को संवेदनशीलता के साथ सामने लाने की उनकी क्षमता उन्हें एक सशक्त मीडिया प्रोफेशनल बनाती है। अपने करियर के दौरान Avantika ने Jharkhand Live, The Fourth Pillar, 22 Scope और Khabar Mantra जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य किया है, जहाँ उन्होंने अपनी पेशेवर दक्षता, मेहनत और रचनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। एंकर के रूप में उनकी प्रभावशाली संवाद शैली, रिपोर्टर के रूप में जमीनी हकीकत को सामने लाने की क्षमता, और स्क्रिप्ट राइटर के रूप में सटीक एवं आकर्षक लेखन ने उन्हें मीडिया जगत में एक अलग पहचान दिलाई है। डिजिटल और ग्राउंड मीडिया दोनों प्लेटफॉर्म्स पर कार्य करने का अनुभव रखने वाली Avantika Raj Choudhary पत्रकारिता के बदलते स्वरूप के साथ खुद को निरंतर अपडेट करती रही हैं। उनकी कार्यशैली में निष्पक्षता, समर्पण और दर्शकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का उद्देश्य स्पष्ट रूप से झलकता है। मीडिया इंडस्ट्री में उनका यह अनुभव और कौशल उन्हें भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियों की ओर अग्रसर करता है.