रांची: मतदाता सूची (एसआईआर) में छूट गए पात्र नागरिकों का नाम दर्ज कराने और गलतियों को सुधारने के लिए निर्वाचन आयोग ने एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। इस पहल के तहत आज से नौ अक्टूबर तक राज्यभर के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष डिजिटाइजेशन कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। इसके बाद 10 अक्टूबर को चौथी बार सभी बूथों पर बीएलओ और बीएलए-2 की बैठक सह मेगा हेल्प डेस्क का आयोजन किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, ईआरओ और एईआरओ को इस अभियान की तैयारियां समय पर पूरी करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सुनवाई का मकसद न केवल पुरानी त्रुटियों को ठीक करना है, बल्कि वर्तमान मतदाता सूची को पूरी तरह से त्रुटिरहित बनाकर हर योग्य नागरिक का पंजीकरण सुनिश्चित करना है।
फॉर्म-6, 7 और 8 का तेजी से होगा डिजिटाइजेशन
अभियान के दौरान बीएलओ द्वारा प्राप्त किए जाने वाले फॉर्म-6 (नए नाम के लिए), फॉर्म-7 (नाम हटाने के लिए) और फॉर्म-8 (संशोधन/स्थानांतरण के लिए) के डिजिटाइजेशन कार्य में तेजी लाई जाएगी। सीईओ ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर कैंप की जानकारी साझा करने और छूटे हुए पात्र लोगों को मतदाता सूची से जुड़ने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया है।
मेगा हेल्प डेस्क पर मिलेगी ये सुविधाएं
10 अक्टूबर को आयोजित होने वाले मेगा हेल्प डेस्क में आम लोगों को नोटिस की सुनवाई, दावों व आपत्तियों के निष्पादन तथा मतदाता सूची में नाम जोड़ने से जुड़ी पूरी जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही जनजातीय समूहों, पिछड़े वर्गों, दिव्यांगों, बुजुर्गों, थर्ड जेंडर और सेक्स वर्कर जैसे वंचित व हाशिए पर रहने वाले वर्गों तक पहुंच बनाने के लिए विशेष आउटरीच कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
तीन शर्तों पर तय होगी पात्रता
निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर मतदाता बनने के लिए तीन मुख्य शर्तें रखी गई हैं:
1. आवेदक भारत का नागरिक हो।
2. 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो।
3. संबंधित मतदान केंद्र क्षेत्र का सामान्य निवासी हो।


