
रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की सीजीएल परीक्षा में भी बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। परीक्षा का संचालन करने वाली कंपनी TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी ने सीआईडी को दिए अपने बयान में स्वीकार किया है कि सीजीएल परीक्षा का पेपर लीक हुआ था और इसके बदले 15 अभ्यर्थियों से 12-12 लाख रुपये लिए गए थे। अभय तिवारी ने सीआईडी के समक्ष आरोप लगाया कि जेएसएससी से टीडीपीएल को हटाए जाने के बाद जिस दूसरी एजेंसी ‘वेबल’ को परीक्षा संचालन का काम दिया गया था, उसी के लोगों ने उसे सीजीएल परीक्षा के प्रश्न और उत्तर पहले ही उपलब्ध कराए थे। इसी आधार पर बोकारो के एक आवास में 15 अभ्यर्थियों को प्रश्न-उत्तर रटवाए गए थे, जिसके बाद अभय खुद, उसके भाई और उसकी पत्नी का चयन हुआ। हालांकि, सीआईडी ने अभय के इस बयान की आधिकारिक पुष्टि करने से इंकार किया है।
इसी मामले में कार्रवाई करते हुए सीआईडी ने टीडीपीएल के अकाउंटेंट रक्षक सिंह को पूछताछ के बाद सोमवार को जेल भेज दिया है। रक्षक सिंह पर आरोप है कि कंपनी का कर्मचारी रहते हुए उसने गलत तरीके से जेपीएससी पीटी परीक्षा दी और उसमें सफल भी हुआ। टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी का आरोप है कि जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा का पेपर लीक कराया गया था। बोकारो के एक घर में 15 अभ्यर्थियों को उत्तर रटवाए गए थे, जिनसे 12-12 लाख रुपये लिए गए थे। अभय ने ‘वेबल’ नामक एजेंसी से जुड़े लोगों पर प्रश्न-उत्तर उपलब्ध कराने का आरोप लगाया। टीडीपीएल के अकाउंटेंट रक्षक सिंह को गलत तरीके से जेपीएससी परीक्षा पास करने के आरोप में सीआईडी ने जेल भेज दिया है।

