परीक्षा कार्य में लगाए जाने वाले शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की 31 अक्टूबर और 1 नवंबर की आकस्मिक छुट्टियां तथा लंबे अवकाश रद्द करने का निर्देश दिया गया है। इस संबंध में उपायुक्तों के स्तर से कार्यालय आदेश जारी करने को कहा गया है।

सभी जिलों को तैयारी के निर्देश
जैक के सचिव सच्चिदानंद दिव्येंदु तिग्गा ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीईओ) को परीक्षा संचालन के लिए आठ बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
निर्देश के मुताबिक, परीक्षा की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए प्रत्येक जिले में उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और संबंधित अधिकारियों की बैठक आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाओं को समय रहते दुरुस्त करना है।
सरकारी और निजी संस्थानों के शिक्षक भी बनेंगे वीक्षक
इस बार परीक्षा में बड़ी संख्या में सरकारी शिक्षकों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए वीक्षकों की उपलब्धता एक चुनौती बन सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकारी और निजी स्कूलों, कॉलेजों तथा मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों को भी वीक्षण कार्य में लगाया जाएगा।
निर्देश के अनुसार, परीक्षा केंद्रों के शिक्षकों और कर्मचारियों को वीक्षण की जिम्मेदारी दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर केंद्राधीक्षकों के अनुरोध पर अतिरिक्त वीक्षकों की व्यवस्था भी की जाएगी।
वीक्षकों की सूची प्राप्त होने के बाद अपर समाहर्ता और जिला शिक्षा पदाधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से प्रतिनियुक्ति आदेश जारी किया जाएगा।
परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए साइबर सेल
JTET के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के लिए प्रत्येक जिले में साइबर सेल के गठन और उसके संचालन की व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया है।
इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों पर पेट्रोलिंग की जाएगी। सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्टैटिक दंडाधिकारियों तथा पुलिस पदाधिकारियों की भी तैनाती की जाएगी। इनके प्रतिनियोजन के लिए उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक के संयुक्त हस्ताक्षर से आदेश जारी करने को कहा गया है।
परीक्षा को लेकर जिलों में बढ़ेगी प्रशासनिक सक्रियता
जैक ने सभी जिलों को परीक्षा से संबंधित तैयारियां समय पर पूरी करने का निर्देश दिया है। केंद्रों पर वीक्षकों की नियुक्ति, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को प्राथमिकता दी जा रही है।
1 नवंबर को प्रस्तावित JTET 2026 के सफल आयोजन के लिए शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस के बीच समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया गया है।


