
नैनी: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में लिपुलेख दर्रे के जरिए होने वाली वार्षिक कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए श्रद्धालुओं को अब 2.09 लाख रुपये का भुगतान करना होगा। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। कैलाश मानसरोवर यात्रा इस बार चार जुलाई को शुरू हो रही है।
यात्रा महंगी होने की वजह ये है कि तिब्बत क्षेत्र में वीजा, परमिट और मेडिकल व्यवस्थाओं के लिए विदेश मंत्रालय को 1400 डॉलर का अलग से भुगतान करना होगा। इसके अलावा कुमाऊं मंडल विकास निगम ने भारतीय क्षेत्र में रहने और खाने की व्यवस्था के लिए अपनी फीस 57,000 रुपये से बढ़ाकर 65,000 रुपये प्रति यात्री कर दी है।

