कोच्चि: राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने रविवार को कहा कि वह ‘दिमागी नक्सली’ हैं।
‘दिमागी नक्सली’ शब्द प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गढ़ा था और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इसका इस्तेमाल कथित तौर पर नक्सलवाद का वैचारिक समर्थन करने वालों पर हमला करने के लिए करती है।
सिब्बल ने यहां ‘जनप्रतिनिधिनयों की खरीद-फरोख्त और लोकतंत्र’ पर एक चर्चा के दौरान कहा, “मुझे यह स्वीकार करना होगा कि मैं एक दिमागी नक्सली हूं।’’
सिब्बल ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त कोई ‘मामूली राजनीतिक घोटाला’ नहीं, बल्कि एक ‘संवैधानिक संकट’ है। उन्होंने कहा कि नतीजा यह होता है कि नागरिक एक जनादेश के लिए मतदान तो करता है, लेकिन “सत्ता किसी और को सौंप दी जाती है”।

