रांची : राजधानी के कांके पिठोरिया (बाडू नवा टोली) स्थित प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केंद्र में सोमवार को ‘कर्म मिलन समारोह’ का आयोजन अत्यंत धूमधाम, भक्ति भाव और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। लोकपर्व कर्मा की पूर्व संध्या पर आयोजित इस गरिमामय समारोह ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया। समारोह के दौरान कई प्रकार की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। स्थानीय बाल कलाकारों एवं बहनों द्वारा प्रस्तुत किए गए लोकनृत्य, नाटक और आध्यात्मिक गीतों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। पूरा परिसर श्रद्धालुओं की तालियों और जयकारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था की स्थानीय संचालिका बीके राजमती बहन ने कर्मा पर्व के आध्यात्मिक, नैतिक और सामाजिक महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। अपने प्रेरणादायी संबोधन में उन्होंने कहा, “कर्मा पर्व केवल एक पारंपरिक लोक त्योहार नहीं है, बल्कि यह जीवन में श्रेष्ठ और निस्वार्थ कर्म करने, प्रकृति के प्रति कृतज्ञ रहने तथा ईश्वर से अटूट संबंध स्थापित करने का पावन संदेश देता है। मनुष्य का कर्म ही उसके सुंदर भाग्य का निर्माण करता है, इसलिए हम सभी को अपने जीवन में सत्कर्मों और सेवा भाव को प्राथमिकता देनी चाहिए।”
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रमुख समाज सेविका अन्नू पोद्दार ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस भव्य एवं पावन अवसर पर संस्था से जुड़े नारायण भाई, उर्मिला देवी, लीला देवी, वीरसमनी माता, बीके रीना बहन, बीके सुनीता बहन, बीके नीलम बहन, बीके संगीता बहन, रामेश्वर भाई, अशोक भाई, संजय भाई समेत भारी संख्या में क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिक, श्रद्धालु एवं माताएं-बहनें उपस्थित रहकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और आध्यात्मिक शांति व ज्ञान का लाभ उठाया।


